हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर सरकार के आदेशों की अनदेखी करना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। 31 मार्च के बाद कामर्शियल वाहनों का चालान कटेगा साथ ही वाहन चालक का लाइसेंस भी निरस्त हो सकता है। इस कार्रवाई के डर से लघु सचिवालय में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की रसीद कटवाने को लेकर कामर्शियल वाहन संचालकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।
दरअसल, सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर तक सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के आदेश दिए थे, लेकिन निर्धारित अवधि में नंबर प्लेट नहीं लग सकी। इसके बाद सरकार ने 31 मार्च तक का समय दिया था। आदेश की अवधि दो दिन बाद खत्म हो रही है। वहीं जिले में करीब 40 हजार से ज्यादा कामर्शियल वाहन रजिस्टर्ड हैं और ऐसे में अब तक 50 फीसदी वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सकी।
एक ठेकेदार के जिम्मे है चार राज्य
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार करने के लिए प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया गया है। एक ही ठेकेदार को हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश का ठेका दिया गया है। यही कारण है कि पिछली बार भी निर्धारित अवधि में नंबर प्लेट तैयार नहीं हो सकी, जिस कारण हर रोज हंगामा हुआ। इस बार भी यही हालात होते दिखाई दे रहे हैं।
यूपी और उत्तराखंड आदि राज्यों के वाहनों को मिलेगी छूट
हरियाणा समेत चंडीगढ़ और दिल्ली आदि कई राज्यों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अभी भी यूपी और उत्तराखंड समेत ऐसे कई राज्य है जहां पर यह सिस्टम लागू नहीं है। वहीं हरियाणा में उत्तर प्रदेश से भी वाहन आते हैं। अधिकारियों की मानें तो जिन प्रदेशों में यह सिस्टम लागू नहीं है वहां के वाहनों को हरियाणा में भी छूट दी जाएगी। ऐसे किसी भी वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर चालान नहीं कटेगा।
वर्जन
सरकार के आदेशों का पालन किया जाएगा। इस अवधि के बाद जिस वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- जगदीश शर्मा, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण