अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) नई दिल्ली ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एक मामले में पंजाब सरकार और पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) को कड़ी फटकार लगाई है। मामले में अगली सुनवाई पर पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और पीपीसीबी चेयरमैन को सुनवाई में वर्चुअली उपस्थित रहने के लिए कहा है।
दरअसल पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में आज भी कोयले से भट्ठियां चलाई जा रही है। कोयले से चलने वाली इन भट्ठियों के कारण पर्यावरण को घातक नुकसान पहुंच रहा है। यहां तक इनके इर्दगिर्द रहने वाली आबादी की स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें बढ़नी लगी हैं, खासकर सांस से जुड़ी बीमारियां। इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मंडी गोबिंदगढ़ में कोयला, पेट कोक और फर्नेस ऑयल के उपयोग से चल रही भट्ठियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि इन इकाइयों की वजह से वायु प्रदूषण हो रहा है, जबकि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां कार्रवाई करने में नाकाम रही हैं। एनजीटी ने अपनी पिछली सुनवाई
27 मार्च 2025 को पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल के आश्वासन पर टाल दी थी कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर ठोस जवाब देगी। हालांकि तीन महीने बाद भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया और न ही एडवोकेट जनरल पेश हुए।
इससे पहले पंजाब सरकार ने 4 अक्टूबर 2023 को एक ईंधन नीति तैयार की थी। इसके तहत प्रदूषणकारी ईंधनों पर रोक लगाने का प्रावधान था मगर उसे अभी तक मंडी गोबिंदगढ़ में लागू नहीं किया गया। पीपीसीबी की तरफ से पिछली सुनवाई पर कोई वकील उपस्थित नहीं था, जिस पर नाराजगी जताते हुए ट्रिब्यूनल ने पीपीसीबीकी चेयरपर्सन को पेश होने का निर्देश दिया था। उन्होंने आज वर्चुअल रूप से पेश होकर आश्वासन दिया कि आगे से ट्रिब्यूनल की हर कार्रवाई में उचित सहयोग दिया जाएगा।
सीपीसीबी ने दो हफ्ते का मांगा समय
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी पहले चार हफ्ते का समय मांगा गया था ताकि राज्यों की फ्यूल पॉलिसी और उसके क्रियान्वयन की जानकारी ट्रिब्यूनल में रखी जा सके मगर अब तक उन्होंने भी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। अब सीपीसीबी ने दो हफ्ते का और समय मांगा है। एनजीटी ने अगली सुनवाई की तारीख 1 सितंबर तय की है। अगली सुनवाई पर इन कोयले, पेट कोक और फर्नेस ऑयल से चल रहीं भट्ठियाें पर अब तक क्या कार्रवाई की गई, इस पर पूरी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। एनजीटी ने राज्य सरकार से यह भी तथ्य पेश करने के लिए कहा है कि पंजाब में किन जिलों में इस प्रकार की कोयले की भट्ठियां चल रही हैं।