संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान सीएम प्रकाश सिंह बादल
कांग्रेस ड्रामेबाजी पर उतर आई है और आम आदमी पार्टी दोहरा किरदार निभाने वाली है। ये कहना है मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का। वे मुक्तसर के लंबी में संगत दर्शन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने सतलुज-यमुना लिंक नहर केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह और 42 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे ड्रामेबाजी बताया।
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि अगर सचमुच कैप्टन पंजाब के हमदर्द हैं और कांग्रेसी विधायकों का इस्तीफा उनकी ड्रामेबाजी नहीं है तो अब तक उन्होंने पार्टी के संसद सदस्यों से इस्तीफा क्यों नहीं लिया? मुख्यमंत्री ने गांव बोदीवाला, रत्ता खेड़ा, आलमवाला, कोलियांवाली, ढाणी चंदन, ढ़ाणी कुंदन सिंह में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि दरियाई पानी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस्तीफा पंजाब के पक्ष में नहीं बल्कि विधानसभा चुनाव निकट आने के चलते दिया है। यह महज चुनावी स्टंट है। कैप्टन अमरिंदर खुद विधान सभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। इसके चलते कैप्टन ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले की आड़ में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर पंजाबियों को मूर्ख बनाने की चाल चली है।
दोबार चुनाव लड़ने की चाहत में दिए इस्तीफे
संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान सीएम प्रकाश सिंह बादल
उन्होंने कहा दोबारा विधानसभा चुनाव लड़ने की चाहत में कांग्रेसी विधायकों ने तो इस्तीफे दे दिए, मगर लोकसभा चुनाव अभी दूर होने के कारण सूबे से चुने गए कांग्रेस के संसद सदस्य इस्तीफा देने से इंकार कर रहे हैं। शिअद के चुने गए प्रतिनिधियों के इस्तीफा न देने बारे पूछे जाने पर सीएम ने इस फैसले को बिल्कुल जायज ठहराते हुए कहा कि राज्य की जनता ने सुख-दुख की घड़ी में पंजाब की आवाज उठाने के लिए उन्हें सत्ता सौंपी है।
इस समय पंजाब के पानी पर संकट छाया हुआ है तो ऐसे में शिअद कैसे मैदान छोड़ भाग सकता है। शिअद तो भागने की बजाए डटकर इस संकट का मुकाबला करेगा। एसवाईएल नहर के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के कांग्रेसी नेता शुरू से ही हाईकमान के हाथों की कठपुतली बनकर सूबे के हितों के साथ धोखा करते आए हैं।
इसकी मिसाल इस बात से मिलती है कि सबसे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उस समय के कांग्रेसी मुख्यमंत्री दरबारा सिंह पर दबाव डालकर दरियाई पानी के मामले पर अपनी मर्जी थोप दी। इसके एसवाईएल नहर निर्माण के कार्य का शुभारंभ करने के लिए इंदिरा गांधी खुद यहां आई थीं। इस दौरान अकाली नेता गिरफ्तारियां दे रहे थे और कैप्टन समारोह में खुद हाजिर होकर अपनी लीडरशिप को खुश करने के लिए नहर बनाने के फैसले का स्वागत कर रहे थे।
आम आदमी पार्टी दोहरे किरदार वाली है
सीएम बादल
- फोटो : अमर उजाला
सीएम ने आम आदमी पार्टी को दोहरे किरदार वाली बताते हुए कहा कि इस पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली की सरकार ने तो पानी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के खिलाफ बयान देकर पहले ही अपना असली चेहरा दिखा दिया था। लोगों को इस पार्टी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पानी की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी। चाहे इसके लिए कितनी ही बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
पानी के मुद्दे पर सरकार का विशेष इजलास 16 को
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि दरियाई पानी के मुद्दे पर सरकार ने 16 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष इजलास बुलाया है, ताकि पंजाब प्रदेश के पानी को हर कीमत पर बचाने के लिए भविष्य की रणनीति तय कर संयुक्त तौर पर विचार-विमर्श किया जा सके।
दरियाई पानी के मुद्दे पर पंजाब का पक्ष रखने के लिए मंक्षिमंडल राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिलने जाएगा। इस मुलाकात के लिए राष्ट्रपति से समय मांगा गया है। सीएम ने बताया कहा कि शिअद की ओर 8 दिसंबर को मोगा में ‘पानी बचाओ, पंजाब बचाओ’ रैली की जा रही है।
पुराने नोट बंद करने के अच्छे नतीजे जल्द
500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी लगाने के फैसले से लोगों को हो रही परेशानी संबंधी पूछे जाने पर सीएम ने कहा बेशक शुरू में लोगों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ रही है, मगर देश से काले धन और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बेहतर कदम है। कुछ ही दिनों में इसके अच्छे नतीजे सामने होंगे।