शहरी निकायों में विज्ञापन एजेंसियों का एकाधिकार खत्म
हरियाणा सरकार ने शहरी निकायों में विज्ञापन एजेंसियों का एकाधिकार खत्म कर दिया है। इससे सरकार को राजस्व चपत नहीं लगेगी। निकाय विज्ञापन के लिए रिजर्व प्राइस को बढ़ा सकेंगे। निजी भूमि मालिकों के अधिकार बढ़ाए गए हैं। यह हरियाणा विज्ञापन उपनियम-2022 से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को नए उपनियम जारी किए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए नई नीति लाए हैं। अभी तक विज्ञापन एजेंसियां नियमों में कमियों का गलत फायदा उठा रही थीं। राज्य में सक्रिय विज्ञापन एजेंसियों ने शहरों में एकाधिकार स्थापित कर लिया था। निजी भूमि मालिकों के किराये का कम मूल्यांकन कर उनका शोषण किया जा रहा था।
नई नीति में लोगों को शोषण से मुक्ति दिलाई है। अब निकायों में कम मूल्य दरों पर सामूहिक रूप से बोली लगाने की गलत प्रथा रुकेगी। अनियमितताओं के दूर होने से निकायों को विज्ञापन से बड़ी राशि प्राप्त होगी। नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाली सभी विज्ञापन साइट को अब निविदा या नीलामी से एजेंसियों को दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी 93 पालिकाओं के लिए एकल विज्ञापन पोर्टल बनाने जा रहे हैं। इसे एक महीने के भीतर लांच कर दिया जाएगा। इस पोर्टल पर निजी संपत्ति मालिक, विज्ञापन एजेंसी और विज्ञापन देने वालों को अपने स्थलों सहित पूरा विवरण देना होगा।
भूमि अधिग्रहण के लिए लागू होंगी दो नई नीतियां
हरियाणा सरकार भूमि अधिग्रहण की पेचीदगियों को खत्म करने के लिए दो नई नीतियां लाने जा रही है। बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि न मिलने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। अभी सरकार ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से स्वैच्छिक तरीके से जमीन ले रही है। जल्द ही लैंड पूलिंग और ज्वाइंट वेंचर नीति लाई जाएगी। किसानों को नई परियोजनाओं में लाभ का हिस्सेदार भी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि वर्तमान अधिनियम के तहत भूमि अधिग्रहण करना आसान नहीं है। कोर्ट की एन्हांसमेंट के कारण जमीन लेने का काम लंबा हो जाता है। जमीन आगे बड़े उपभोक्ताओं को भी देनी होती है, जिसमें दिक्कत आती है। नई नीतियों में छोटे-छोटे किसानों से उनकी जमीन एकत्रित कर सरकार लेगी, जिसमें किसानों को भूमि का उचित मूल्य दिया जाएगा। जमीन पर लगने वाली परियोजना से जो लाभ होगा, उसका हिस्सा किसानों को भी देंगे।
राज्यसभा प्रत्याशी पर नहीं खोले पत्ते, कुलदीप को बताया मित्र
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दस जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से होने वाले प्रत्याशी को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि उम्मीदवार संसदीय बोर्ड तय करेगा। समीकरण संख्या बल के हिसाब से तय होंगे। दोनों सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे या एक पर, यह समय पर पता चल जाएगा। निश्चित तिथि पर उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर देंगे। कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात पर सीएम बोले कि वे मेरे मित्र हैं। उनके साथ मुलाकात होती रहती है।