हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि कांग्रेस, विपक्षी दलों को अपनी द्वेष की भट्टी में झोंकने के लिए प्रशासनिक ढांचे का दुरुपयोग करने की दोषी है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि कांग्रेस ने आतंकवादी सोहराबुद्दीन शेख मामले में गुजरात के पूर्व गृहमंत्री व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को राजनीतिक तौर पर बर्बाद करने के लिए संविधान को अपने पैरों तले रौंदने की नाकाम कोशिश की है। न्यायपालिका ने आखिरकार निर्दोष को सम्मान दिलाकर कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा मारा है।
सीएम यहां पत्रकारों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। राहुल ने सोहराबुद्दीन के प्रति सहानुभूति जताते हुए, उसे किसी ने नहीं मारा और वह खुद मर गया, टिप्पणी की थी। मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।
विडंबना है कि एक आतंकवादी के मारे जाने पर एक राज्य के गृहमंत्री को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के इशारे पर साजिश के तहत जेल में डाला गया। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तत्कालीन मुख्यमंत्री, वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए यह प्रपंच रचा।
कांग्रेस शुरू से ही आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति जताती है और उनके समर्थन में खड़ी होती है, जिससे उनकी सच्चाई बार-बार जनता के सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसी ओछी हरकतों से बाज आकर नैतिक स्तर का उत्थान करने की जरूरत है। ऐसी हरकतों की बदौलत ही कांग्रेस की विचारधारा और विश्वसनीयता खात्मे की ओर बढ़ रही है।