पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के नतीजों पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निराशा जताई है। साथ ही शिक्षामंत्री को निर्देश दिया है कि राज्य में शिक्षा का स्तर सुधारने को ब्लू प्रिंट तैयार करें।
प्रवक्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को भी हिदायत दी है कि शिक्षा विभाग के आवश्यक कार्यों के लिए फंड मुहैया कराए जाएं। ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा और बुनियादी ढांचे का सुधार हो सके। सीएम ने मंगलवार सुबह चौधरी से बात करके दसवीं पास प्रतिशत 15 अंक नीचे गिरने पर निराशा जताई। उन्होंने शिक्षामंत्री को बड़ा सुधार लाने के एजेंडे के काम की निगरानी खुद करने के निर्देश दिए। ताकि पंजाब के विद्यार्थियों को नौकरियों और बढ़िया व्यवसाय अपनाने के लायक बनाया जा सके। सीएम ने कहा कि पंजाब में शिक्षा के गिरते स्तर से उन्हें काफी ठेस पहुंची है। इससे हमारे बच्चे अच्छी नौकरियों और व्यवसायों के मुकाबले से बाहर हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे हथियारबंद सेनाओं की प्रवेश परीक्षा पास करने में भी असफल रहे हैं। नतीजों के मुताबिक, सरकारी स्कूलों के सिर्फ 24 स्टूडेंट्स के मेरिट में आने पर गंभीर चिंता जताते हुए सीएम ने इस कारगुजारी की जिम्मेवारी शिक्षा विभाग पर डाली। उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर सुधारने की जिम्मेदारी विभाग की ही बनती है।
सीएम ने प्रमुख सचिव वित्त से कहा कि सरकारी स्कूलों में बिजली, फर्नीचर, शौचालय, खेल मैदान के लिए बजट में विशेष उपबंध किया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूली शिक्षा को अनुमानित खर्च पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। सीएम ने स्कूल पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाएं शामिल करने संबंधी अपना निर्देश दोहराया। स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाने के स्तर को ऊंचा करने पर बल दिया।