कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 6000 करोड़ की 'अटल भूजल योजना' में पंजाब को शामिल करने की मांग उठाई है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को इस संबंध में पत्र लिखा है। सीएम ने पंजाब को इस स्कीम में शामिल करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय को निर्देश देने के लिए पीएम से विनती की है। गौरतलब है कि अटल भूजल योजना के लिए सात राज्यों का चयन किया गया है।
स्कीम गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में पानी की किल्लत वाले 8350 गांवों में लागू करने का प्रस्ताव है। पंजाब में गिरते भूजल स्तर के मद्देनजर उसे शामिल न किए जाने पर सीएम ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि सूबे के 22 में से 20 जिले भूजल के गिरते स्तर की समस्या का सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा इस साल की शुरूआत में इन जिलों का दौरा करने के लिए अधिकारियों को नियुक्त कर जिम्मा सौंपा गया था। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के तीन चौथाई से ज्यादा ब्लॉकों को पानी की किल्लत से प्रभावित घोषित किया गया है। जिनमें कुछ की स्थिति काफी नाजुक है।
सीएम ने लिखा है कि इन तथ्यों पर जोर देकर यह बताने की जरूरत नहीं कि पंजाब के पास प्राकृतिक संसाधन के रूप में भूजल का स्तर काफी गिर चुका है। पंजाब के देश के लिए अनाज सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए खेती, खासकर धान की पैदावार के लिए अपने अमूल्य प्राकृतिक संसाधन की कीमत चुकानी पड़ी।
सतही पानी की उपलब्धता में भी पिछले कुछ दशकों के दौरान कमी आई है। इस तथ्य के आधार पर जल संरक्षण के लिए तत्काल मदद के लिए पंजाब का केस मजबूत है। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मसले की तरफ पीएम का ध्यान दिलाते हुए जल संसाधनों के संरक्षण के लिए केंद्रीय सहायता की मांग की थी। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की कि भूजल स्तर गिरने से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को अटल भूजल योजना में पंजाब को तुरंत शामिल करने की हिदायतें जारी करें।