इस मौके पर स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह समेत कई नेता एवं अधिकारी तथा वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे। इस मौके पर मान ने कहा कि वह लगभग 10 साल मोहाली में फेज 3बी1 रहे और मोहाली से उनका पुराना रिश्ता है। यहां उनके पड़ोसी ब्रिगेडियर भी हैं। प्रोटोकॉल के चलते अक्सर उन्हें लोगों से मिलने से रोक लिया जाता है। रस्सियां लगा दी जाती हैं। मान ने कहा कि उन्हें लोगों ने जिताया है फिर भी उन्हें लोगों के नजदीक नहीं जाने देते।
उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री का हौव्वा बनाया हुआ होता था। पहले मंत्री पांच साल घरों में कुंडी लगा अंदर बैठे रहे। बाद में लोगों ने बाहर से कुंडा लगा दिया और 20-25 सालों के लिए ताले लगा दिए। मान ने कहा कि उन्हें लोगों ने प्यार दिया है। उसी से वह मुख्यमंत्री बने हैं। लोग जब चाहें तब बंदा अर्श और जब चाहें बंदा फर्श पर होता है।
मान ने पुरानी सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसी साजिश के तहत सभी सरकारी इकाईयां खत्म कर दी गई थी। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती थी। प्राइवेट स्कूलों को कहा जाता था कि वह उन्हें कस्टमर देंगे। आम परिवार का बच्चा इतनी महंगी शिक्षा नहीं ले पाता था। वहीं सरकारी अस्पताल खत्म कर दिए। ऐसे में या तो आदमी को बीमारी से मर जाना पड़ता था या भारी रकम खर्च इलाज करवाना पड़ता था।
मान ने कहा कि उन्हें पता है, उनके सामने एक कैंसर का मरीज खुद परिवार से कह रहा था कि मुझे मरने दो मगर एक-दो किले जो जमीन है वह न बेचना। मान ने कहा कि उनकी सरकार ने अस्पताल, स्कूल बनवाए और स्टाफ भर्ती किया। पिछली सरकारों के दौरान धरने देते कई उम्मीदवार ओवरएज हो गए थे। ऐसे में नौकरी के लिए आयु 37 से बढ़ा कर 45 साल की गई।
फसल में सुंडी लगी हो तो चिल्लाने से साफ नहीं होगी
मान ने कहा कि अगर फसल में सुंडी लगी हो तो चिल्लाने से साफ नहीं होगी। स्प्रे मारना पड़ेगा। इसी तरह गटर को साफ करने के लिए अंदर उतरना पड़ेगा। इसी सोच के साथ वह सफाई करने के लिए राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति करियर महज 8 वर्ष था जब घरानों को हराया। पहले दो ही घराने थे। वह सरकार बनने पर एक दूसरे पर कोई कार्रवाई नहीं करते थे। इस बार यह तड़प रहे हैं कि आम घर का आदमी मुख्यमंत्री कैसे बन गया। मान ने कहा कि इन्हें पंजाब के लोगों से कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में पढ़े लिखे और काबिल विधायक हैं। इनमें वकील, डॉक्टर, समाज सेवी आदि हैं। वहीं कुछ कलाकार हैं। ज्यादातर गैर-राजनीति पृष्ठभूमि के लोग हैं।
लोक सभा की तरह बाल सभा होती तो बादल बच्चे भी खड़ा कर देते
मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बादलों को हराया। बादलों में पिता, बेटा, भतीजा, साला सभी लड़ते हैं। अगर लोक सभा की जगह बाल सभा का चुनाव होता तो यह परिवार बच्चों को भी चुनाव लड़ने भेज देता। आम आदमी की अंधेरी में यह सब उखड़ गए। मान ने कहा कि 10 मार्च को विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया तो वह संगरूर में परिवार के साथ थे। आप की सीटें बढ़ रही थी। उनकी आंखों में जिम्मेदारी और खुशी के आंसू थे।
मान ने कहा कि वह एक भी रुपया खजाने का इधर-उधर नहीं होने देंगे। पुरानी सरकारों ने काफी खजाना लूटा है मगर पंजाब कई बार खड़ा हुआ है। पंजाबी मेहनती कौम है।
विदेशी कंपनियां पंजाब में आ रही
मान ने कहा कि पहले चुनावों के दौरान व्यापारी पार्टियों को पैसे देते थे कि सरकार आने पर उन्हें तंग न किया जाए। उनकी सरकार में वह पंजाब और बाहर कई बड़े व्यापारियों से मिले और कहा कि फैक्ट्री लगाओ कोई तंग नहीं करेगा। वह बोले कि पंजाब में 70 हजार करोड़ रुपये का व्यापार शुरू हो गया है। जर्मनी की कंपनियों ने पंजाब में काबाईन, मर्सिडिज के सेंसर बनाने जैसे काम खोले हैं। जगदेशपुर के बाद टाटा का दूसरा बड़ा प्लांट पंजाब में खुलने वाला है।
मंत्री सोफे तक ले गए थे
मान ने पुराने कुछ मंत्रियों का नाम लिए बिना कहा कि सरकार बदलने के बाद दो तीन मंत्री सरकारी सोफे ही ले गए थे। वहीं एक तो सब्जियों की बेलें भी उखाड़ ले गया था।। इनका पेट भरने के बाद भी यह नीयतों के भूखे रहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को स्विटजरलेंड बनाने की जरूरत नहीं बस यहां सभी खुशहाल रहने चाहिए।
...इन्हें पंजाबी तो बोलनी नहीं आती, टेस्ट करवाएं तो फेल हो जाएं
मान ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जेहड़ी पिच ते खेडना है आ जाओ। पंजाबी बोलणी नही आंदी। कन्वेंट स्कूलां तो पढ़े ने। उन्होंने कहा कि बाजवा, सुखबीर, सिद्धू, वड़िंग पंजाबी का पेपर पास कर के दिखाएं। पंजाबी आती नहीं, पंजाब के नंबरदार बन कर बैठ गए।
शहरी वोटें कम डालते हैं, पिकनिक न समझें
मान ने कहा कि अक्सर शहरी लोग वोटें नहीं पाने जाते। वह इस दिन को पिकनिक डे समझते हैं। उन्होंने कहा कि हाजिरी जरूर लगवाओ। भले ही नोटा दबा दो। गांवों में 85 या 90 प्रतिशत तक भी वोटिंग हो जाती है मगर शहरों में 55 या 60 प्रतिशत तक होती है। मान ने कहा कि बाकियों पर यकीन न करना। मैं पंजाब की आबरू पर कभी दाग नहीं लगाऊंगा। मैं राजनीति में पैसे खाने नहीं आया।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में वोटों का मजाक उड़ाया
मान ने अपने भाषण के दौरान कहा कि चुनाव में चंडीगढ़ के निगम चुनाव की तरह वोटें न चुनी जाए। वहां बीजेपी के नुमांइंदे द्वारा शहर के चुने हुए प्रतिनिधियों की 36 वोटों का मजाक उड़ाया गया। मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार को एलजी काम नहीं करने देता। ऐसे ही हालात ममता बनर्जी के साथ हैं, तमिलनाडू के साथ हैं। बाकी भी कई जगहों पर ऐसा है। पंजाब में गवर्नर हाउस को मंजूरी नहीं देता।
तीन वर्ल्ड क्लास मेडिकल कॉलेज बनेंगे
मान ने कहा कि होशियारपुर, कपूरथला और मोहाली एयरपोर्ट के पास मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं जो वर्ल्ड क्लास होंगे और नवीनतम तकनीकों से लैस होंगे। वहीं कहा कि मोदी वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं मगर वह वन नेशन वन एजुकेशन, वन नेशन वन हेल्थ सिस्टम जैसी बात क्यों नहीं करते। मान ने कहा कि पंजाब में सरकार एक यूपीएससी सेंटर भी खोलने जा रही है।