पंजाब के पूर्व राज्यपाल और सीएम के बीच तलख्यिों का दौर अब नजदीकियों में बदलते नजर आ रहा है। पंजाब के नए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पुरानी तलख्यियों पर विराम लगाते हुए सीएम मान के साथ एक नई शुरुआत की है। यहां तक की पंजाब के राज्यपाल का पदभार संभालते ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह केंद्र और राज्य के बीच एक पूल की तरह काम करेंगे।
शनिवार को सीएम मान के प्रस्ताव पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया अपनी धर्मपत्नी के साथ उनके और उनकी पत्नी के साथ अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान सीएम मान साए की तरह उनके साथ अमृतसर दौरे पर रहे। प्रदेश की संस्कृति और इतिहास से अवगत कराया।
वहीं, राज्यपाल भी बीते कुछ दिनों में सीएम मान के तारीफ के पुल बांधते नजर आए हैं। पंजाब सरकार की ओर से तीसरे खेड़ां वतन पंजाब दीयां की शुरुआत पर राज्यपाल ने कहा कि यह सीएम मान की अच्छी पहल है, जिससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है। इससे युवाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलेगा।
यहां तक की नए राज्यपाल के पदभार संभालते ही पंजाब के आईएएस अफसरों के साथ बुलाई बैठक ने भी काफी तूल पकड़ा था। हालांकि सीएम मान ने इस पर कहा था कि उन्हें इस बैठक से कोई ऐतराज नहीं है, क्योंकि यह बैठक केवल आईएएस अधिकारियों से मुलाकात और उनके कामकाज व जिम्मेदारियों को जानने के लिए बुलाई गई थी। इन दो से तीन प्रकरणों से ये जाहिर होता है कि एक तरफ सीएम मान जहां पंजाब के नए राज्यपाल के संवैधानिक पद की गरिमा का ख्याल रख रहे हैं, वहीं राज्यपाल भी सीएम के साथ प्रदेश की बेहतरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने आए राज्यपाल व सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और हरभजन सिंह ईटीओ, मैनेजरनरिंदर सिंह, सूचना अधिकारी अमृतपाल सिंह व अन्य मौजूद रहे।
पूछोगे तो भी राजनीतिक बातों का नहीं दूंगा जवाब-सीएम मान
हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद कटारिया ने कहा कि यह एक ऐसी जमीन है, जहां गुरुओं के बलिदान के कारण भारत की संस्कृति आज भी सुरक्षित है। परमात्मा शक्ति दे कि वह पंजाब व चंडीगढ़ के विकास के लिए कार्य कर सकें। कटारिया ने कहा कि पंजाब के विकास में उनका जो भी योगदान हो सकेगा, वह अपना योगदान डालेंगे। वहीं, सीएम मान ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि राजनीतिक बातों का वह पूछने पर भी जवाब नहीं देंगे। राज्यपाल और मान अपने परिवारों समेत श्री दुर्ग्याणा मंदिर भी माथा टेका।