सीमा पर ड्रोन विरोधी जैमर लगाने की मांग
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की समूची अंतरराष्ट्रीय सरहद पर ड्रोन विरोधी टेक्नोलॉजी/जैमर लगाने की मांग की ताकि नशे और हथियारों की तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह अत्याधुनिक क्षेत्रीय ड्रोन फॉरेंसिक लैब पंजाब खास तौर पर अमृतसर में स्थापित की जाए ताकि ड्रोन उड़ने और पहुंचने वाली जगह और इनके रूट मैप का पता लग सके।
एनडीपीएस एक्ट में नशे की व्यापारिक मात्रा कम हो
मुख्यमंत्री ने हेरोइन की व्यापारिक मात्रा को मौजूदा 250 ग्राम से घटा कर 25 ग्राम करने पर भी जोर दिया जिससे निचले स्तर पर ही तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हेड कांस्टेबल को सक्षम बनाते हुए छोटी मात्रा की परिभाषा और नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सबस्टैंस एक्ट की धारा- 27 के अधीन आने वाले मामलों के संबंध में निर्धारित ड्यूटियां निभाने के लिए शक्तियां दी जानी चाहिए। इससे जांच अफसरों की संख्या बढ़ेगी और जांच के अधीन मामलों की संख्या घटेगी। मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट की धारा-39(1) और 64-ए में संशोधन करने की भी मांग की, जिससे पीड़ितों और तस्करों में फर्क करने के लिए छोटी मात्रा में वसूली को आपराधिक श्रेणी से बाहर किया जाए।
ड्रोनों से आई 1000 किलो हेरोइन व हथियार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 मई तक ड्रोनों द्वारा तस्करी के दौरान करीब एक हजार किलो हेरोइन के साथ-साथ 56 हथगोले, 126 पिस्तौल/रिवॉल्वर, 11 एके-47 और अन्य राइफल, 9.5 किलो आरडीएक्स बरामद किया गया है। एक अप्रैल 2022 से 13 जुलाई 2023 तक एनडीपीएस एक्ट के अधीन 16,554 केस दर्ज किए गए हैं और 22,349 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। समर्थ अथॉरिटी ने नशा तस्करी के 66 मामलों में 26.72 करोड़ रुपये की जायदाद जब्त की है।