गणतंत्र दिवस की परेड में राज्य की झांकी को शामिल न करने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार का यह पंजाब विरोधी व्यवहार अनुचित और गैर-वाजिब है। यह पंजाब के शहीदों का अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल गणतंत्र दिवस परेड में देश भी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इस परेड में पंजाब अपने गौरवमयी इतिहास, समृद्ध विरासत, महान सभ्याचार और भारत के इतिहास में अपने अहम योगदान को दिखाने वाली झांकी नियमित तौर पर पेश करता आ रहा है। यह बहुत ही दुख की बात है कि अलग-अलग विषय जैसे वतन के रखवाले के द्वारा भारत की सैन्य ताकत में और अन्नदाता के तौर पर पंजाब की महता दिखाने, माई भागो जी की शौर्य को दिखाती नारी शक्ति और सारागढ़ी की जंग से बहादुरी और महान बलिदानों से भरे किस्सों के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की सत्कार योग्य घटनाएं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को चयन समिति के समक्ष रखने के बावजूद पंजाब की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए नहीं चुना गया।
भगवंत मान ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब को अपनी उपलब्धियां दुनिया को दिखाने की इजाजत न देकर गहरी साजिश रची है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की संकुचित मानसिकता को दिखाता है जो देश के मामलों का नेतृत्व कर रही है। गैर-भाजपा शासन वाले राज्यों खासकर पंजाब और दिल्ली को भाजपा ने जानबूझ कर परेड से बाहर रखा है। पंजाब और पंजाबियों के साथ इस तरह का पक्षपाती रवैया निंदनीय और असहनीय है।
भाजपा का पंजाब विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ: कंग
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्य की झांकी परेड से बाहर करने के फैसले ने भाजपा के पंजाब विरोधी चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने देश की सीमाओं और आजादी की रक्षा के लिए सबसे अधिक कुर्बानी दी है लेकिन यह बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर पंजाब के योगदान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने हमेशा से पंजाब और पंजाब के लोगों के हितों के खिलाफ काम किया है लेकिन पंजाब की जनता जल्द ही भाजपा को सबक सिखाएगी।