फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritsar News: तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को क्लीन चिट, समरा को सजा की सिफारिश

Thu, 27 Apr 2023 10:41 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर को क्लीन चिट दे दी है। सरचंद सिंह ने कहा कि मामला तख्त साहिब के जत्थेदार से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है और तख्त साहिब की मर्यादा और सिख भावनाओं से जुड़ा है।
विज्ञापन
जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाई पावर जांच कमेटी ने तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को क्लीन चिट दे दी है। इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने एक पत्र भेजा है। पत्र में तख्त श्री पटना साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर के खिलाफ साजिश रचकर तख्त और तख्त जत्थेदार के पद को बदनाम करने वाले करतारपुर निवासी डॉ. गुरविंदर सिंह समरा को तलब कर पंथक परंपराओं के अनुसार सजा देने की मांग की है।

विज्ञापन


जत्थेदार को लिखे पत्र में प्रो. सरचंद सिंह ने कहा है कि जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर-ए मस्कीन पर करतारपुर निवासी डॉ. गुरविंदर सिंह समरा द्वारा 70 लाख रुपये वसूलने के बावजूद तख्त श्री पटना साहिब के लिए भेंट की गई सोने की कृपाण को नकली होने को लेकर 19 अप्रैल 2023 को दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरएस सोढ़ी के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच शुरू करवाई गई। यह जांच तख्त साहिब की प्रबंधक कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने एक कमेटी के जरिये करवाई थी। इस कमेटी में चरणजीत सिंह सलूजा प्रबंध कमेटी तख्त श्री पटना साहिब, संयोजक, ज्ञानी रघुबीर सिंह जत्थेदार तख्त श्री केसगढ़ साहिब, ज्ञानी हरदीप सिंह हेड ग्रंथी और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अजीतपाल सिंह बिंद्रा शामिल थे। 

विज्ञापन

कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर को क्लीन चिट दे दी है। सरचंद सिंह ने कहा कि मामला तख्त साहिब के जत्थेदार से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है और तख्त साहिब की मर्यादा और सिख भावनाओं से जुड़ा है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ‘श्री साहिब‘ कथित तौर पर ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर द्वारा तैयार किया गया था, और न ही यह कि डॉ. समरा और ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर के बीच कोई पैसे का लेन-देन हुआ था। 

जत्थेदार रणजीत सिंह को श्री साहिब बनाने के लिए 70 लाख रुपये देने के बारे में डॉ. समरा कोई सबूत पेश नहीं कर सके। एक किलो सोने की कीमत 49 लाख रुपये के आसपास है, यह जानने वाले डॉ. समरा के लिए यह संभव नहीं है कि वह इसके लिए 70 लाख रुपये दें। रिपोर्ट में यह भी विवरण दिया गया है कि डॉ. समरा के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि उन्होंने अप्रैल 2022 के पहले-दूसरे सप्ताह में श्री गुरु तेग बहादुर अस्पताल करतारपुर स्थित अपने आवास पर परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को 70 लाख नकद दिए गए जबकि जत्थेदार गौहर ने 31 मार्च, 2022 से 14 अप्रैल, 2022 तक के कार्यक्रमों के लिए विभिन्न एयरलाइंस के हवाई टिकट और बोर्डिंग पास के अलावा मोबाइल टेलीफोन लोकेशन पेश कर डॉ. समरा के आरोपों का खंडन किया है। कमेटी ने स्वर्ण दान स्वीकार करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन न करने के लिए तख्त श्री पटना साहिब कमेटी की भी खिंचाई की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें