बहुचर्चित सिटी सेंटर घोटाले के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित एफआईआर में नामजद सभी 19 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। ब्यूरो की ओर से शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरबीर सिंह की अदालत में एफआईआर कैंसिल करने की मांग वाली अर्जी दाखिल कर दी गई। अब अदालत में मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। विजिलेंस के इस कदम को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
अदालत में विजिलेंस की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि इस केस की पुनर्जांच में किसी भी तरह से किसी भी आरोपी पर भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले में आरोप लगने के बाद खुद ही इसकी जांच के आदेश दिए थे। इसी आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने कहा है कि एफआईआर कैंसिल कर अब केस को बंद कर देना चाहिए।
मामले में सबसे पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के तत्कालीन चेयरमैन अशोक गरचा की ओर से सीएम के नजदीकी कैप्टन राजेश सिंह पर टेलीफोन के जरिए सिटी सेंटर के निर्माण संबंधी सौ करोड़ रुपये घूस का ऑफर देने के आरोप का मामला सामने आया था। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसकी जांच के निर्देश दिऐ थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह उस समय विदेश में थे। उन्हें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली थी।
चौधरी जगजीत समेत चार आरोपियों की हो चुकी है मौत
बाद में लुधियाना की अदालत में इस मामले को लेकर चार्जशीट भी फाइल की गई थी। इसी दौरान विजिलेंस के पास आरएल ग्रुप आफ कंपनीज (नई दिल्ली) के मालिक और मामले के आरोपी चेतन गुप्ता ने केस की पुन: जांच करवाने के लिए एक अर्जी दी। अर्जी पर विजिलेंस ने मामले की पूरी जांच करने के बाद क्लोजर रिपोर्ट में इससे जुड़े सभी आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए यह पहल की है। उल्लेखनीय है कि इस केस से जुड़े चौधरी जगजीत सिंह सहित चार आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है।
Punjab CM Capt Amrinder Singh and other accused given a clean chit in Ludhiana city centre scam
— ANI (@ANI) August 19, 2017