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बेमिसालः मां की प्रेरणा और पत्नी के हौसले से पाई सफलता, पाकिस्तानियों को भी सिखाया भारतनाट्यम

Mon, 18 Mar 2019 03:37 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी रीतिका पठानियां, अमर उजाला, पंचकूला
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सांकेतिक तस्वीर
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मां से भारतीय सभ्यता को गंभीरता से जानने की प्रेरणा मिली, तो पत्नी ने न केवल मेरी कला को सराहा बल्कि जीवन के हर कदम पर मेरे साथ ताल से ताल मिलाई। यह कहना है बलटाना निवासी राहुल गुप्ता का। जो ट्राइसिटी ही नहीं, बल्कि देश- विदेश में क्लासिकल डांसर के रूप में अपनी अलग ही पहचान बना चुके हैं। राहुल 15 साल से ट्राइसिटी व देश के अलग-अलग स्कूल, कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट्स को कथक और भरतनाट्यम सीखा रहे हैं। वर्तमान में उनकी अपनी टीम है जो डांस क्लास लगाती है।
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देश व भारतीय सभ्यता से प्रेम होने के कारण छोड़ा विदेश
राहुल दुबई में क्लासिकल डांस सिखाते थे, लेकिन उन्हें अपनी संस्कृति से इतना प्यार था कि वह अपने आप को रोक नहीं पाए और भारत वापस आ गए। राहुल बताते हैं कि दुबई में उन्होंने मुस्लिम और अरबी लड़कियों को नृत्य सिखाया है, जो अभी भी उन्हें दुबई में डांस क्लास लेने के लिए कहती हैं। अब वह केवल दुबई में अपनी देश का प्रतिनिधित्व करने ही जाते हैं। राहुल से प्रेरित होकर पाकिस्तानी और अरबी युवतियों ने भरतनाट्यम सीखा है।

परिवार ने हमेशा दिया सहयोग
राहुल ने बताया कि उनके पिता फ्लोरमिल में मैनेजर थे। अन्य परिजन अपने लड़कों को डांस में प्रोफेशन बनाने के लिए रोकते हैं, लेकिन उनके पिता ने हमेशा डांस का सम्मान किया। उनकी मां भी डांसर थी और उनकी पत्नी और बेटा भरत भी डांसर हैं। राहुल ने बताया कि डांस न केवल उनका शौक है, बल्कि वह उनके खून में है।
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भारतीय संस्कृति पर हंसने के बजाय समझने की आवश्यकता

राहुल ने बताया कि आजकल स्टूडेंट्स के साथ अगर हम क्लासिकल डांस की बात करें तो बच्चे हंसने लग जाते हैं। बच्चों को अपनी संस्कृति को जानने की जरूरत है न कि मजाक बनाने की। जिसके लिए यदि परिजन अपने कीमती समय में थोड़ा सा वक्त बच्चों को दें तो वे जान पाएंगे कि हमारे संस्कार और संस्कृति कैसी है। उन्हें खुशी है कि उनके पास सीखने वाले बच्चे न केवल क्लासिकल डांस का सम्मान करते हैं, बल्कि भारतीय सभ्यता को इज्जत देते हैं।

गरीब बच्चों को सिखाते हैं मुफ्त में डांस
राहुल क्लासिक डांस अकादमी के बैनर तले गरीब बच्चों को निशुल्क डांस क्लास देते हैं, ताकि वह भविष्य में अपनी कला का प्रयोग करके अपने परिवार की मदद कर सकें। राहुल ट्राइसिटी में 20 से अधिक स्कूलों में बच्चों को डांस सिखाते हैं। 3 मई को उनके 20 स्टूडेंट्स एक झलक भारत में थीम के तहत लंदन हेस्टन में आयोजित कल्पश्री इंडियन डांस फेस्टिवल में भाग लेने जा रहे हैं। लंदन में आयोजित फेस्टिवल के लिए भारत की दो टीमों का चयन हुआ है। इनमें एक टीम राहुल गुप्ता की हैं और एक टीम दिल्ली की।
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