विशेष सत्र में राजीव गांधी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी खूब उलझे। भाजपा, कांग्रेस और इनेलो विधायकों ने एक-दूसरे पर छींटाकशी का कोई मौका नहीं चूका। हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष खूब उलझे। भाजपा, कांग्रेस और इनेलो विधायकों ने एक-दूसरे पर छींटाकशी का कोई मौका नहीं चूका। सदन में विधेयक पास कराने के दौरान खूब गर्मागर्मी हुई। शिक्षा मंत्री ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय विधेयक 2017 पेश किया।
इस पर पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक गीता भुक्कल ने इस यूनिवर्सिटी का नाम भीम राव अंबेडकर पर रखने की मांग की। कर्ण दलाल ने उनका समर्थन किया। इस पर रामबिलास ने कहा कि भीम राव अंबेडकर के नाम पर लॉ यूनिवर्सिटी पहले ही चल रही है। भुक्कल ने जवाब में कहा कि गुरुग्राम विवि का नाम भी रखें तो सम्मान की बात होगी। शर्मा ने तपाक से जवाब देते हुए कहा कि भाजपा ने अपने बाप-दादा के नाम पर किसी संस्थान का नाम नहीं रखा है। जिस पर करण दलाल बोले कि स्वतंत्रता सेनानी भाजपा के थे ही नहीं, कांग्रेस के ही हुए।
शर्मा ने पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र करते हुए बोले कि वह कौन सा स्वतंत्रता सेनानी थे। ये कहते ही भुक्कल बिफर गईं और उपहास उड़ाने की निंदा की। उधर से भाजपा विधायक दिनेश कौशिक ने कह डाला कि राजीव ने कौन सी लड़ाई लड़ी थी। इससे विवाद बढ़ गया और भुक्कल के साथ भाजपा विधायक टीका-टिप्पणी करने लगे। वित्त मंत्री भी इसमें कूद गए और उन्होंने भी 1984 के दंगों को लेकर राजीव गांधी पर कटाक्ष किया। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने राजीव गांधी के भारत रत्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके असली हकदारों की कांग्रेस शासनकाल में अनदेखी हुई है।