पंजाब यूनिवर्सिटी की खस्ता वित्तीय हालत पर लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नेताओं के वादों पर टिप्पणी की। हाईकोर्ट को बताया गया कि कई नेताओं ने सामने आकर पीयू की मदद करने की बात कही है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ घोषणाएं करने से न तो छात्रों की परीक्षाएं पूरी होंगी और न ही शिक्षकों को वेतन मिलेगा। नेता वादे भर के लिए हैं या कोई सहायता असल में भी होगी। पंजाब सरकार को चाहिए कि अब वह आगे आकर पीयू को दी जा रही ग्रांट में बढ़ोतरी करे।
वीरवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी ओर से अप्रैल माह में पीयू को 20 करोड़ 50 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि यह राशि बेहद मामूली है। इसे बढ़ने पर गौर किया जाना, अब समय की जरूरत है।
सुनवाई के दौरान कुलपति अरुण ग्रोवर ने एक फार्मूला सुझाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 60 करोड़ और पंजाब सरकार 40 करोड़ रुपये जारी कर दे तो पीयू इससे रिजर्व फंड तैयार करेगा और मुश्किल की परिस्थितियों में इसे इस्तेमाल कर सकेगा।