माहौल बिगड़ा देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया। इसके बाद मौके पर कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला मौके पर पहुंचे और बाहर कांग्रेस के बूथ पर बैठ गए। इस दौरान वहां भीड़ ओर अधिक बढ़ गई। इसके बाद रणदीप व सुदीप सुरजेवाला वहां से चले गए। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी मौके पर पहुंचे। इस दौरान भीड़ ने जमकर नारेबाजी की व हूटिंग की।
प्रशासन ने जींद रोड से आईटीआई की ओर आने वाले रास्ते पर मुख्य गेट के दोनों तरफ बैरिकेट्स लगा दिए। एसडीएम कमलप्रीत कौर, डीएसपी कुलवंत सिंह, सिविल लाइन थाना व ट्रैफिक प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को काबू किया।
बाद में डीसी, एसपी सहित अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। इस दौरान सुदीप को आईटीआई के अंदर ही रहना पड़ा। शाम को करीब छह बजे प्रशासन की निगरानी में सुरजेवाला को आईटीआई से बाहर निकाला गया। इसके बाद भी आईटीआई के बाहर व अंदर सैंकड़ों की संख्या में सुरक्षाकर्मी और अधिकारी मौजूद थे।
इस पूरे हंगामे के बीच करीब 7 बजे तक पोलिंग पार्टियां भी बाहर नहीं निकलीं थीं। डीसी, एसपी सहित ऑब्र्जवर ने पोलिंग एजेंटों से बात की। डीसी डा. प्रियंका सोनी ने कहा कि बूथ के बाहर भीड़ बढ़ जाने के कारण लाठीचार्ज करना पड़ा। पूरे जिले में चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा।
लाठीचार्ज के बाद भी हुई प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी:-भाजपा समर्थकों ने लाठीचार्ज थमने के बाद भी जिला प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना पर भाजपा प्रत्याशी लीला राम मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखते हुए अपने समर्थकों को शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात कही।
भाजपा प्रत्याशी लीला राम ने कहा कि उन्होंने एसपी को पहले ही शिकायत दी थी कि कांग्रेस पक्ष से लोग हंगामा करवा सकते हैं। लेकिन प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं किया। जिस कारण सरेआम कांग्रेसी नेता बाउंसरों के साथ बूथ के अंदर आते-जाते रहे। पूरा प्रशासन कांग्रेस के साथ मिला हुआ है।
आईटीआई विवाद में सुरजेवाला बोले- भाजपा की गुड़ागर्दी व तोड़फोड़ का चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है। बौखलाहट में भाड़े के गुड़ों द्वारा और पत्रकारों के सामने जिस प्रकार कांग्रेस के बूथ पर हमला किया गया। यह सबके सामने था। इस सारे प्रकरण में प्रशासन भी मूक दर्शन बना रहा। इस तरह से हमला करना और उनकी बौखलाहट उनकी हार को दर्शाता है। भाजपा के लोग जान लें की उनकी उल्टी गिनती जनता ने शुरू कर दी है।