उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये पंजाब में लोगों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पुलिस नजर रखे है। पुलिस ने सोशल मीडिया से लेकर अपने खुफिया तंत्र को मजबूत कर रखा है। कई स्थानों पर पुलिस युवाओं को प्रेरित कर उनको कट्टरपंथी विचारधारा से बाहर निकाल रही है, ताकि वह आतंकवाद का हिस्सा न बनें।
डीजीपी गुप्ता ने कहा कि पाक से हथियार अकेले पंजाब के नहीं आए, बल्कि इनका इस्तेमाल पूरे देश में कहीं भी किया जा सकता है, क्योंकि देश में सभी रास्ते खुले हैं, जिनके जरिये आतंकी किसी राज्य में पहुंच सकते हैं।
मौड़ मंडी ब्लास्ट पर डीजीपी गुप्ता ने कहा कि एसआईटी अपनी जांच कर रही है और इसमें तीन चार लोगों के नाम सामने आए हैं लेकिन तीनों फरार है, उनकी तलाश की जा रही है। अब वह तीनों देश में है या विदेश में, यह कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन पुलिस अपनी जांच कर रही है।
स्थानीय पीएपी में फोर्स के शहीदी दिवस पर राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य तौर पर पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता, एडीजीपी पीएपी कुलदीप सिंह के अलावा एडीजीपी संजीव कालड़ा, गौरव यादव, वरिंदर कुमार, अर्पित शुक्ला, गुरप्रीत कौर दियो के अलावा तमाम आईजी व डीआईजी शामिल हुए। 21 अक्तबूर को पंजाब के बहादुर शहीदों की याद में के रूप में मनाया जाता है और देश भर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। डीजीपी दिनकर गुप्ता तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की ओर से शहीदी स्मारक पर फूल अर्पित किये गये। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि पंजाब पुलिस के जवान बहादुर हैं, जिन्होंने जान पर खेलकर पंजाब से आतंकवाद का सफाया किया है। उनको पंजाब पुलिस पर काफी गर्व है। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों को डीजीपी दिनकर गुप्ता की ओर से आवश्यक वस्तुएं दी गईं, उनकी मुश्किलों को सुना गया और उनकी सभी मुश्किलों को पहल के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया गया।