इसके बाद इन नेताओं के समर्थकों ने नरेंद्र गुर्जर समर्थकों को खदेड़ डाला और उनके झंडों को छीनकर उन्हीं पर जमकर लाठियां भांजी। नरेंद्र गुर्जर समर्थक गलियों में भागते नजर आए। कई समर्थकों के सिर से खून बहना शुरू हो गया। इसके करीब 10 मिनट बाद फिर से नरेंद्र गुर्जर समर्थक एकजुट हुए और सीएम के आने तक वहीं पंडाल के निकट डटे रहे।
इसके करीब आधे घंटे बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल का काफिला पहुंच। सीएम ने पूर्व विधायक लीला राम को आगे आने को कहा और नरेंद्र गुर्जर को भी नाम लेकर बुलाया। उन्होंने कहा कि टिकट एक नेता को मिलना है। जो चुनाव नहीं लड़ेगा, उसे भी काम दिया जाएगा। इसीलिए आपस में विवाद न करें। उन्होंने लीला राम व नरेंद्र गुर्जर को हाथ मिलाने को कहा। फिर गले मिलने को कहा। इसके बाद अपना संदेश दिया।
पूर्व विधायक लीला राम ने कहा कि ये रणदीप सुरजेवाला की साजिश थी। पूरे आयोजन को खराब करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से लड़के बुलाए हुए थे। जो कैथल के हैं भी नहीं। पार्टी संगठन के सामने ऐसे नेताओं की पूरी जानकारी भी दी जाएगी, जो दूसरी पार्टी के नेताओं के इशारे पर कार्यक्रम को खराब करना चाहते थे। वहीं नरेंद्र गुर्जर ने कहा कि यह बौखलाहट का परिणाम था कि उनके समर्थकों पर हमला किया गया। पार्टी संगठन के सामने पूरी बात रखी जाएगी। संगठन का फैसला मान्य होगा।