पीजीआई स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर कब्जे के लिए दो गुट दावा कर रहे हैं। इसके मद्देनजर सोमवार को गुरुद्वारे के आसपास पुलिस की टुकड़ी भी मौजूद रही। एक गुट जिससे पीजीआई के कर्मचारी जुड़े हैं, उनका आरोप है कि 2011 के बाद से प्रबंधक कमेटी के चुनाव नहीं हुए हैं।
इससे गुरुद्वारे में और पीजीआई कैंपस में अव्यवस्था फैली है। बाहरी लोगों के दिशा-निर्देश पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संचालित हो रही है। अव्यवस्था के कारण पीजीआई कैंपस में रहने वाले लोगों का पार्क में घूमना बंद हो गया है।
आरोप है कि 2011 तक स्थिति ठीक थी। मरीज आते थे और गुरुद्वारे में रुकते थे। पीजीआई कैंपस में किसी को परेशानी नहीं आती थी। जब से गुरुद्वारे में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप बढ़ा है, तभी से परेशानी बढ़ी है।
पीजीआई कैंपस की कमेटी में कौन-कौन
सोमवार को पीजीआई कैंपस में रहने वाले लोगों ने सर्वसम्मति से नई कमेटी गठित कर दी। इसमें प्रेसिडेंट हरदेव सिंह, वाइस प्रेसिडेंट अवतार सिंह, जनरल सेक्रेटरी बलजीत सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी गुरमेल सिंह, कैशियर राजकुमार सिंह, ज्वाइंट कैशियर जीता सिंह, ऑडिटर जसविंदर सिंह को नियुक्त किया गया है।
चुनाव के बाद नवनियुक्त कमेटी ने कहा कि कब्जे के लिए वह एडवाइजर और पीजीआई प्रशासन से मिलेंगे। इसकी जानकारी वह कोर्ट को भी देंगे। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात का भी आरोप लगाया है। पीजीआई रेजिडेंशियल कांप्लेक्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रेसिडेंट सुभाष चंद्र ने कहा कि नई कमेटी से गुरुद्वारे और कैंपस में सुधार आएगा।
मिस मैनेजमेंट की बात नहीं
दूसरे गुट से जुड़े सुखदेव सिंह मान ने कहा कि तीन दिन पहले गुरुद्वारे में एक नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें बताया गया था कि चुनाव होने हैं। वोट कहां डालने हैं, किसी को पता नहीं। सबकी नजर गुल्लक पर है। मिस मैनेजमेंट की कोई बात ही नहीं है। रोजाना सैकड़ों मरीजों को लंगर खिलाया जा रहा है।
बाबा लाभ सिंह बाहरी नहीं हैं, बल्कि उनकी वजह से गुरुद्वारा विकसित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि हमें सूचना मिली थी कि गुरुद्वारे में चुनाव होने हैं, इसलिए शांति बनाए रखने के लिए पहुंचे थे।