एक महीने से बंद सुखना लेक आज फिर से खुल गई। शहर भर के लोग इस खूबसूरत मौके के साक्षी बने। चंडीगढ़ के एडवाइजर विजय कुमार देव ने सुबह सात बजे डेली विजिटर्स के साथ मार्निंग वॉक की। इसके साथ ही सुखना को लोगों के लिए खोल दी गई।
अब सुबह सात बजे के बाद लोग इस पर सैर के लिए जा सकेंगे। इस मौके पर सिटको व जिला प्रशासन की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस के विशेष बैंड भी अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस के सभी आला अधिकारी भी मौजूद रहें।
अभी बोटिंग पर रहेगा प्रतिबंध
सुखना पर फिलहाल बोटिंग का लुत्फ शहरवासी अभी कुछ दिन तक नहीं उठा पाएंगे। जिला प्रशासन के मुताबिक एहतियात के तौर पर अभी बोटिंग की एक्टिविटीज बंद करने का फैसला लिया गया है।
दरअसल सुखना के आइलैंड पर बतखों को दफनाया गया था। इसलिए उस जगह के आसपास डेढ़ महीने और आने-जाने में प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सुखना के पानी के आसपास जाने पर पूरी तरह से मनाही रहेगी। कोई पानी का न छू पाए इसके लिए सीढ़ियों को बंद कर दिया गया है।
तीन दिन से चल रही थीं तैयारियां
सुखना की पुरानी रंगत लौटाने के लिए तीन दिन से तैयारियां चल रही थीं। जिला प्रशासन व नगर निगम के 70 से अधिक कर्मचारी कामकाज में जुटे थे। रविवार को भी पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। रेगुलेटरी एंड तक मरम्मत व साफ-सफाई का काम-काज पूरे जोर-शोर से जारी था।
लेक के दुकानदारों ने भी रविवार को खोलकर सफाई की। कर्मचारियों ने बताया कि एक महीने सुखना बंद होने से बहुत ज्यादा कचरा जमा हो गया था। उसे हटाने और ठीक करने में काफी मरक्कत करनी पड़ी।
17 दिसंबर को हुआ था बर्ड फ्लू कंफर्म
सुखना पर बर्ड फ्लू 17 दिसंबर को कंफर्म हुआ था। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लेबोट्ररी ने सुखना की एक बतख में बर्ड फ्लू कंफर्म किया था। उसके बाद धारा 144 लगाकर सुखना को एक महीने के लिए बंद कर दी गई थी।
इसके अगले दिन 18 दिसंबर को सुखना की 90 से ज्यादा बतखों को मारकर आइलैंड पर दफना दिया गया था। एहतियात के तौर पर सुखना को केंद्र मानकर तीन किलोमीटर एरिया के सभी घरों में डोर टू डोर हेल्थ सर्वे कराया गया।
सुखना लेक के लिए बनेगा एक्शन प्लान
एडवाइजर विजय कुमार देव ने कहा कि सुखना लेक में अब बतख नहीं रहीं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन एक पूरा एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। इसके अनुसार सुखना पर नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्निवाल आयोजित किए जा सकते हैं। सुखना के कैचमेंट एरिया का विकास किया जाएगा। एक्टिविटी बढ़ाई जाएंगी। कैचमेंट एरिया में ट्रैकिंग की एक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा। स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी यहां आमंत्रित किया जाएगा।