चंडीगढ़। उच्च शिक्षा विभाग ने बुधवार को निर्देश जारी किए गए कि 11 अगस्त से शहर के कॉलेजों में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। इसमें कॉलेज प्रमुख अपने स्तर पर हाईब्रिड कक्षाएं (ऑनलाइन व ऑफलाइन) लगाएंगे। वहीं पंजाब विश्वविद्यालय ने अभी ऑफलाइन कक्षाओं को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि पीयू में अभी शोधकर्ताओं को प्रयोगशालाओं में आने की अनुमति है।
शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कॉलेजों के प्रमुख कोरोना हालातों को देखते हुए कॉलेजों में विद्यार्थियों की ऑफलाइन कक्षाओं को लेकर योजना तैयार करेंगे। अगर जरूरत पड़ती है तो हाईब्रिड कक्षाएं लगाई जा सकती है। कॉलेज प्रमुख विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि 18 वर्ष से ऊपर उम्र के सभी विद्यार्थियों ने टीकाकरण की कम से कम पहली डोज लगवाई हो। इसके साथ ही अगर विद्यार्थी ने छात्रावास लेना है तो उसकी 72 घंटे के अंदर पहले की आरटीपीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए। छात्रावासों में कोविड दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। इसके लिए कॉलेज अपने स्तर पर 11 अगस्त तक योजना तैयार कर लें। कॉलेज ध्यान रखें कि परिसर में विद्यार्थी व कर्मचारी मास्क पहनें, सामाजिक दूरी का पालन हो और नियमित समय पर सैनिटाइजेशन किया जाए।
9 अगस्त से कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया
एसडी कॉलेज के प्राचार्य अजय शर्मा ने बताया कि हम नियमित कक्षाएं 28 अगस्त तक शुरू करवा पाएंगे, क्योंकि अभी कॉलेजों में परीक्षा के बाद अवकाश चल रहा है। 9 अगस्त से विद्यार्थियों का अगले सेमेस्टर में दाखिला शुरू होगा। दाखिला प्रक्रिया, सेक्शन बनाने इत्यादि में कुछ समय लगेगा। आगामी हफ्तों के कोरोना हालातों को देखते हुए हम कक्षाओं के लिए निर्णय लेंगे कि पहले कौन-से कोर्स के विद्यार्थियों को प्राथमिकता से कॉलेज बुलाया जाना चाहिए। अभी विद्यार्थियों को अधिक से अधिक टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विद्यार्थियों से मिली जानकारी के अनुसार 45 प्रतिशत के करीब विद्यार्थियों ने अभी टीकाकरण करवाया है।
पीयू में विद्यार्थी कर रहे ऑफलाइन कक्षाओं की मांग
पंजाब विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी पीयू ने विभागों में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करवाने का फैसला नहीं लिया है। इसके लिए आगामी हफ्ते में बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ विद्यार्थी लंबे समय से पीयू में ऑफलाइन कक्षाओं की मांग कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न छात्र संगठन कई बार प्रदर्शन करने के साथ पीयू कुलपति को ज्ञापन भी सौंप चुकेहैं। विद्यार्थियों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं में उनकी पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई है। शिक्षक कक्षाएं तो रोजाना ले रहे हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में बहुत गिरावट आई है।