चंडीगढ़। चितरंजन रेल कारखाने से जुड़े रिश्वत मामले में आरोपी विनोद कुमार और प्रवीण व्यास को मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपियों को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। बताया कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है जबकि ये दोनों आरोपी 10 फरवरी से जेल में हैं। सरकारी वकील ने इसका विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को जमानत दे दी।
सीबीआई ने 9 फरवरी 2022 को चितरंजन रेल कारखाने में छापा मारकर मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि शेखर सिन्हा को 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी रवि शेखर ने एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह रिश्वत ली थी। बाद में सीबीआई सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चंडीगढ़ ले आई थी।
सभी आरोपियों को मिल गई है जमानत
मामले में चितरंजन रेल कारखाने के प्रिंसिपल मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि शेखर सिन्हा और कलपुर्जों की आपूर्ति करने वाली निजी कंपनी के निदेशक सोनू अरोड़ा और राजन गुप्ता बतौर मुख्य आरोपी हैं। इनके अलावा अन्य तीन कर्मचारी भी इस मामले में आरोपी है। इन सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत से जमानत मिल चुकी है।