पादरी ने फिर विशेष बड़ी प्रार्थना करने की बात कही। जब परिवार ने हामी भरी तो पादरी ने बताया कि इसका खर्च ज्यादा है और 50 हजार रुपये लगेंगे। परिवार ने पादरी को 50000 रुपये भी दे दिए लेकिन ताजपुर चर्च में प्रार्थना के दौरान ही बच्चे ने अपने प्राण त्याग दिए। कैंसर की अंतिम स्टेज पर चल रहे बच्चे को पादरी ने प्रार्थना से ठीक करने का दावा किया था।
पुलिस ने मदद के बजाय दिल्ली भेजा परिवार, प्रधान बोले- जो हम कहेंगे, पुलिस वही करेगी
चर्च में हंगामे की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना लांबड़ां की पुलिस ने पीड़ित परिजनों की मदद के बजाय गाड़ी कर दिल्ली भिजवा दिया। जब थाना लांबड़ा प्रभारी से बात की तो उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी मौके पर गए थे लेकिन परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी।
इसके बाद शव को दिल्ली ले जाने का इंतजाम किया गया। उधर, चर्च के प्रधान अवतार सिंह से जब बात करने का कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने के बजाय पत्रकारों को सरेआम धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि अगर किसी ने खबर की तो वह उसे देख लेंगे। जो हम कहेंगे पुलिस वही करेगी।