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पंचकूला में गरजे किसान: चंडीगढ़ में सीएम के साथ हुई बैठक, सात घंटे के जाम के बाद बनी सहमति

Tue, 13 Sep 2022 12:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रदर्शन के चलते करीब सात घंटे हाउसिंग बोर्ड चौक जाम रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार मांग नहीं मानेगी वे यहीं डटे रहेंगे। दोपहर बाद करीब तीन बजे उपायुक्त महावीर कौशिक हाउसिंग बोर्ड चौक पहुंचे।
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पंचकूला में प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अपनी मांगों को लेकर करीब दो हजार किसानों ने गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब से चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस का घेराव करने के लिए कूच किया। पुलिस प्रशासन ने किसानों को माजरी चौक पर रोक सीएम के ओएसडी से बात कराने का हवाला दिया लेकिन उनकी एक नहीं सुनीं। किसान नारेबाजी करते हुए पौने एक बजे हाउसिंग बोर्ड चौक पहुंच गए। यहां से जैसे ही चंडीगढ़ की तरफ बढ़े तो पुलिस ने रोक दिया। गुस्साए किसानों ने हाउसिंग बोर्ड चौक के बीच धरना लगा दिया। इससे यातायात बाधित हो गया। 

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प्रदर्शन के चलते करीब सात घंटे हाउसिंग बोर्ड चौक जाम रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार मांग नहीं मानेगी वे यहीं डटे रहेंगे। दोपहर बाद करीब तीन बजे उपायुक्त महावीर कौशिक हाउसिंग बोर्ड चौक पहुंचे। किसानों से बात करने के बाद 11 सदस्यीय टीम को सीएम से मिलने चंडीगढ़ भेजा गया। करीब 30 मिनट की मीटिंग में सीएम मनोहर लाल ने किसानों की मांगों को स्वीकार कर लिया।   

ये थी किसानों की मांगें 

  • देह शामलात, जुमला मुस्तका, पट्टे वाली और अन्य इसी प्रकार की सभी जमीनों को किसानों को पक्के तौर पर मालिकाना हक देने के लिए नया कानून बनाया जाए
  • धान के पौधे विकसित न होने की वजह से नुकसान का पूरे हरियाणा में उचित मुआवजा दिया जाए 
  • 2022 में जलभराव से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए
  • पिछले साल का फसल का मुआवजा जल्द से जल्द किसानों के खातों में भुगतान किया जाए 
  • लंपी संक्रमण से मरे पशुओं के लिए किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए 
  • नारायणगढ़ शुगर मिल के करीब 60 करोड़ बकाया राशि का भुगतान किया जाए 
  • मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड फसल की प्रति एकड़ लिमिट 25 से बढ़ाकर 35 क्विंटल की जाए
  • 20 सितंबर से धान की खरीद पूरे हरियाणा में शुरू की जाए। मोटे धान पर 20 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है उसे खत्म किया जाए
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किसान नेताओं और मुख्यमंत्री की बैठक में बनी सहमति
किसान नेताओं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच बैठक में सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सरकार फिलहाल शामलात देह जमीनों को लेकर कार्रवाई रोक देगी। साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार शामलात जमीनों के मालिकाना हक देने के लिए विधेयक पेश करेगी। 

हरियाणा निवास पर किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच करीब आधे घंटे तक बैठक हुई। किसानों ने मांग रखी कि शामलात देह की जमीनों से कब्जे खाली न कराएं और इस कार्रवाई को रोका जाए। तमाम मंथन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि फिलहाल सरकार इस कार्रवाई को रोक देगी और भविष्य में इसके स्थाई समाधान के लिए विधानसभा में विधेयक लाएगी। 

मुख्यमंत्री के बाद राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएस कूंडू के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली। बैठक में तमाम कानूनी और तकनीकी पहलूओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि सीएम ने आश्वासन दिया है कि 18 अगस्त 2022 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार अभी कोई एक्शन नहीं लेगी।

मुख्यमंत्री के साथ सौहार्द माहौल में बैठक हुई है और किसान जिस मकसद से आए थे, वह लगभग पूरा हो गया है। बैठक में खराब हुई फसलों की गिरदावरी, गन्ना किसानों के बकाया राशि को लेकर भी चर्चा की गई। सीएम ने आश्वस्त किया है कि वर्तमान सत्र में चीनी बिक्री से होने वाली आय से किसानों की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। 
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