किसान नेताओं और मुख्यमंत्री की बैठक में बनी सहमति
किसान नेताओं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच बैठक में सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सरकार फिलहाल शामलात देह जमीनों को लेकर कार्रवाई रोक देगी। साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार शामलात जमीनों के मालिकाना हक देने के लिए विधेयक पेश करेगी।
हरियाणा निवास पर किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच करीब आधे घंटे तक बैठक हुई। किसानों ने मांग रखी कि शामलात देह की जमीनों से कब्जे खाली न कराएं और इस कार्रवाई को रोका जाए। तमाम मंथन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि फिलहाल सरकार इस कार्रवाई को रोक देगी और भविष्य में इसके स्थाई समाधान के लिए विधानसभा में विधेयक लाएगी।
मुख्यमंत्री के बाद राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएस कूंडू के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली। बैठक में तमाम कानूनी और तकनीकी पहलूओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि सीएम ने आश्वासन दिया है कि 18 अगस्त 2022 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार अभी कोई एक्शन नहीं लेगी।
मुख्यमंत्री के साथ सौहार्द माहौल में बैठक हुई है और किसान जिस मकसद से आए थे, वह लगभग पूरा हो गया है। बैठक में खराब हुई फसलों की गिरदावरी, गन्ना किसानों के बकाया राशि को लेकर भी चर्चा की गई। सीएम ने आश्वस्त किया है कि वर्तमान सत्र में चीनी बिक्री से होने वाली आय से किसानों की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।