नशे के खिलाफ मुख्यमंत्रियों की बैठक
कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुझाव के आधार पर प्रत्येक तिमाही के दौरान अधिकारियों के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग करने का फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता बारी-बारी संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव/डीजीपी करेंगे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के साथ लगते जिलों के एसएसपी रोजमर्रा स्तर पर तालमेल करेंगे। मुख्यमंत्री ने नशों की समस्या से निपटने के लिए अंतरराज्यीय और अंतर-एजेंसी तालमेल को संस्थागत बनाने के लिए उत्तरी राज्यों का क्षेत्रीय सहकारी ढांचा तैयार करने का भी प्रस्ताव पेश किया।
इससे साझी कार्रवाई में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी प्रभावित राज्यों को नशों की रोकथाम के लिए फंडों की प्राप्ति के लिए केंद्र के पास पहुँच करने का भी सुझाव दिया जो केंद्र सरकार के 21 विभागों के द्वारा प्राप्त किये जा सकते हैं।
कैप्टन ने बीएसएफ, डीआरआई, एनसीबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ और कस्टम जैसी केंद्रीय एजेंसियों की नुमायंदगी का भी प्रस्ताव दिया, जिनको नोडल अफसरों के तौर पर अपने सीनियर अधिकारियों को मनोनीत करने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन मीटिंगों में इन अधिकारियों को शामिल करना जरूरी है। राज्यों के मुलाजिमों के साझे प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर देते हुए कैप्टन ने कहा कि विशेष टास्क फोर्स, मेडिकल प्रोफेशनल, वालंटियर और इस क्षेत्र में जुटे गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रभावी प्रशिक्षण के लिए साधनों के साथ सूचना और बेहतरीन अमलों को साझा करना चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नशों पर राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि नशों की खेती पर बंदिशें और पड़ोसी राज्यों जहां कानूनी तौर पर इसकी खेती होती है, से बाहर जाने को रोकने के लिए बेहतर ढंग अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और प्रांतीय सरहदों पर सख्ती से पहरा देने को कहा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह व मनोहर लाल खट्टर
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि हेरोइन की सप्लाई अंतरराष्ट्रीय सरहद के द्वारा पाकिस्तान से होती है। भांग से पैदा होने वाली चरस और अन्य नशे हिमाचल प्रदेश, बिहार और यहां तक कि नेपाल से सप्लाई होते हैं। इसी तरह स्मैक की तस्करी दिल्ली, उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश से होती है जबकि भुक्की और अफीम की स्मगलिंग जम्मू-कश्मीर, झारखंड और छत्तीसगढ़ से होने की रिपोर्टें हैं।
कैप्टन ने अपना मत व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि बीएसएफ की रणनीति सरहद पार करने की कोशिश करने वाले अंतरराष्ट्रीय तस्करों को मौके पर गोली मार देने की होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पंजाब में गठित विशेष टास्क फोर्स की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि 5 अगस्त, 2018 तक एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 19,179 केस दर्ज किए गए हैं। इसी तरह 21,571 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक डीएसपी और 23 पुलिस वाले भी शामिल हैं।
नशे संबंधी केस फास्ट ट्रैक अदालतों में निपटाएं : खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नशों के साथ संबंधित मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की बात कही। उन्होंने सूचना सांझी करने के लिए ‘नशा सूचना सचिवालय ’ का सुझाव दिया। यह भी कहा कि गैर -सरकारी संस्थाओं की तरफ से स्पांसर किए जाते विदेशी विद्यार्थियों की तसदीक मानव संसाधन विकास संबंधी मंत्रालय द्वारा की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल साथ में पंजाब व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
राजस्थान के अतिरिक्त गृह सचिव ने माना कि राज्य में घटिया स्तर की हेरोइन और कुछ अन्य सिंथेटिक नशों की निर्माण के अलावा कानूनी तौर पर पैदा की जाती अफीम के भी कुछ हिस्से का दुरुपयोग होता है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एडीशनल कमिश्नर ने सभी राज्यों की तरफ से पहल के आधार पर डाटा और सूचना सांझी करने की जरूरत पर जोर दिया।
हिमाचल और पंजाब पुलिस कर रहे साझा कार्रवाई : जयराम ठाकुर
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ समाज विरोधी गतिविधियों की रोकथाम के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए और तीन महीनों से अधिक समय के लिए गिरफ्तारी होने के मामलों में विशेष बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के सचिव ने कहा कि इस मुद्दे पर न्याय प्रणाली को भी और संवेदनशील होने की जरूरत है, जिससे नशा तस्करों के मामलों में अदालतों द्वारा नरमी न बरतने को यकीनी बनाया जा सके। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके राज्य की पुलिस द्वारा पंजाब पुलिस के साथ सांझी कार्रवाई के द्वारा नशों की तस्करी के विरुद्ध काम किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ मुख्यमंत्रियों की बैठक
नशों के विरुद्ध सांझी रणनीति के लिए सभी मुख्यमंत्री एकमत हुए, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत ने नशों का शिकार होने में औरतों की बढ़ रही संख्या पर भी चिंता जाहिर की।
बच्चों को नशा बेचने वालों पर जुवेनाइल एक्ट में भी हो कार्रवाई : चंडीगढ़
चंडीगढ़ यूटी के डीजीपी ने बच्चों को नशे बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि ऐसे तस्करों के ख़िलाफ एनडीपीएस एक्ट के अलावा जुवेनाइल एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्कूल-कालेज के बच्चों को नशे की मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव पारित
बैठक के दौरान स्कूलों और कालेजों के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें यह भी कहा गया कि जो नई तकनीक चलन में लाई जाए, उसे नशे के खिलाफ भी इस्तेमाल करने के उपाय किए जाएं। बैठक में राज्यों द्वारा अपने-अपने स्कूलों में बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम चलाने का भी फैसला किया गया। नौजवानों को गांव स्तर पर खेल और अन्य सरगर्मियों में सक्रिय करने और नशों के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़े स्तर पर नौजवानों के लिए कौशल विकास प्रोग्राम चलाने का भी फैसला किया गया।
बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री
बैठक शुरू होने से पहले, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बैठक में उपस्थित थे, जबकि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। राजस्थान, दिल्ली और केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के गृह और पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
क्षेत्रीय बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया कि हमें, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों और राजस्थान, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को नशे के प्रकोप से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक अति-रचनात्मक बैठक करके खुशी हुई है।
हमने नशे के खिलाफ अपने राज्य विशिष्ट संघर्षों में अब तक के अपने अनुभव सांझा किए हैं और नशे के नुकसान से अपने युवाओं, बच्चों और भावी पीढ़ियों को बचाने के लिए हमारी सरकारों द्वारा बनाई जाने वाली रणनीतियों और कार्यों के लिए अपने सांझा सरोकारों को पहचाना है। अपनी तरह की यह पहली बैठक पेशेवर और रचनात्मक तरीके से आयोजित की गई।
हम आज की बैठक में तीन आयामों पर सहमति के विभिन्न कार्य बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा करने के लिए हर छह महीने में मिलने के लिए सहमत हुए हैं। हम भविष्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और जम्मू एवं कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित करने पर भी सहमत हुए हैं।