चंडीगढ़। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने शुक्रवार को सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पवन बंसल पर आरोप लगाने के साथ ही छाबड़ा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मिस्टर चावला मैं डर गया।
बता दें कि कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद ही छाबड़ा ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उसके बाद वीरवार को हुई कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक के बाद छाबड़ा को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, जिसके अगले दिन ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आगामी नगर निगम चुनाव से पहले छाबड़ा का इस्तीफा कांग्रेस को मुश्किल में डाल सकता है। नगर निगम का चुनाव दिसंबर में होना है। सभी नेता चुनावी तैयारियों में लगे हैं।
छाबड़ा ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजकर अपील की है कि वह उनका इस्तीफा मंजूर करें। कांग्रेस की नई कार्यकारिणी गठित होने के बाद पिछले सात दिनों से छाबड़ा लगातार पार्टी के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। वीरवार को सेक्टर-35 के कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में पूर्व अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का मुद्दा छाया रहा था। बैठक में छाबड़ा को भी आने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वे निजी कारणों का हवाला देकर बैठक में नहीं पहुंचे। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रदीप छाबड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल भी मौजूद थे।
‘बंसल के तानाशाही रवैये के कारण छोड़ रहा हूं पार्टी’
छाबड़ा ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वह 35 वर्षों से कांग्रेस में थे। 15 वर्ष तक पार्षद भी रहे। इस दौरान सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर भी चुने गए। इन वर्षों में उन्होंने बहुत ही बेतहरीन काम किया। उनका आरोप है कि ‘कुछ वर्षों से मेरे साथ ठीक व्यवहार नहीं हो रहा था। इसका कारण पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल हैं। छाबड़ा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के तानाशाही रवैये के कारण मुझे पार्टी छोड़नी पड़ रही है।’ इसके अलावा छाबड़ा ने बंसल पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
क्या कहते हैं सुभाष चावला
इस्तीफा देना या न देना उनकी मर्जी है, लेकिन इस्तीफा देने के कारण जो बताए हैं, वह अफसोसजनक है। उनके साथ इतने वर्षों तक काम किया और इस प्रकार की बातें, ठीक नहीं हैं। किसी के इस्तीफा देने से कांग्रेस पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। यह एक विशाल पार्टी है। पार्टी और बढ़ेगी। -सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी
क्या कहते हैं छाबड़ा
मैंने अपना इस्तीफा सोनिया गांधी को भेज दिया है। मैंने सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। आगे का कदम अपने समर्थकों से सलाह लेकर उठाऊंगा। -प्रदीप छाबड़ा, पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी