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कम उम्र की महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रहा छाती का कैंसर : डॉ. राजेश्वर सिंह

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चडीगढ़। बच्चेदानी के कैंसर के मुकाबले स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार दशक तक बच्चेदानी का कैंसर जानलेवा बना हुआ था, लेकिन अब स्तन कैंसर अधिक जानलेवा साबित हो रहा है। देश में हर साल स्तन कैंसर के लगभग 1.55 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। यह बात सेक्टर-43 के एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान पंचकूला स्थित एक निजी अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश्वर सिंह ने दी।
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उन्होंने बताया कि पहले सभी तरह के कैंसर में 65 से 70 प्रतिशत महिलाएं 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की थीं, लेकिन अब कम उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर आम हो रहा है। कुल मरीजों में से 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं स्तन कैंसर के अंतिम पड़ाव पर हैं। उन्होंने बताया कि इसके उपचार की आधुनिक सुविधाएं हैं। इसमें कीमोथैरेपी, इम्युनोथैरेपी और टारगेटिड थैरेपी से उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ, भारीपन, सूजन, लाली या निप्पल (स्तन) से तरल पदार्थ का रिसना और निप्पल का मुड़ जाना या अंदर की तरफ धंस जाना कैंसर के प्राथमिक लक्षण हैं। इनका स्वयं निरीक्षण कर इसका पता लगाया जा सकता है और सही समय पर उपचार शुरू हो सकता है।
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