हरियाणा में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाली अधिकतर गर्भवती महिलाओं का चेकअप अंदाजे से ही हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई है कि एक तिहाई एएनएम ठीक से ब्लड प्रेशर (बीपी) और हीमोग्लोबिन (एचबी) लेना भी नहीं जानती हैं।
अब रोहतक पीजीआई की टीम ने इसमें सुधार का जिम्मा उठाया है। सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के माध्यम से हरियाणा के सभी जिलों में एएनएम को इन परीक्षणों के लिए तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सामने एक बड़ी परेशानी यह आ रही है कि पुरानी एएनएम को यह चेकअप करने नहीं आते हैं और नई एएनएम की ट्रेनिंग पूरी नहीं है।
सुपरविजन और मोटिवेशन न होने के कारण नया स्टाफ बेहतर ढंग से परफार्म नहीं कर पा रहा है। उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 100 में से 15 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क में हैं।
हरियाणा में यह हाई रिस्क ज्यादा है, क्याेंकि यहां पर एनीमिया अधिक है। ऐसे में यदि इन महिलाओं में खून की कमी, बीपी, वजन और कद ठीक से नहीं जांचा जाता तो हाई रिस्क भी नहीं चेक हो पाता है।
कोट:
हमने 24 डाक्टरों को प्रशिक्षण दिया है यह प्रत्येक जिले में जाकर सहयोगात्मक पर्यवेक्षण का काम कर रहे हैं। यह लोग अस्पतालों में इंस्पेक्टर के तौर पर नहीं बल्कि सहयोगी के तौर पर जाकर परेशानियों का समाधान करवाएंगे।
डा. राकेश गुप्ता, एमडी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन