चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) अब अपनी संपत्तियां नीलाम नहीं करेगा बल्कि उन्हें बेचने के लिए टेंडर निकालेगा। अब तक बोर्ड नीलामी के जरिए संपत्तियों को बेचता आया है लेकिन इस बार टेंडर के जरिए 269 संपत्तियों को बेचने की योजना बना रहा है। बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि ई-टेंडरिंग से गोपनीयता और पारदर्शिता रहेगी।
खास बात यह है कि बोली लगाने वाले के साथ बोर्ड के अंदर बैठे कर्मचारियों व अधिकारियों को भी बोली कितने की लगाई गई है, इसकी जानकारी नहीं होगी। बोर्ड को भी तब पता चलेगा, जिस दिन टेंडर खोला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था को लागू करने पर काम चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ई-नीलामी में बिडिंग से बोलीदाताओं को रकम की जानकारी मिल जाती है, जिसके चलते वह मिलीभगत कर बोली लगाते हैं लेकिन ई-टेंडरिंग में ऐसा नहीं होगा, क्योंकि इसमें पूरी गोपनीयता के साथ ही संपत्तियों का आवंटन किया जाएगा।
इसके अलावा बयाना राशि भी ऑनलाइन ही जमा करवाई जाएगी। बोर्ड को कुल 269 संपत्तियों की ई-टेंडरिंग करनी है। इनमें 120 आवासीय और 150 एससीओ-बूथ आदि शामिल हैं। आवासीय संपत्तियों में 109 फ्री होल्ड और 11 लीज होल्ड संपत्तियां हैं। इस बार बोर्ड की तरफ से 10 प्रतिशत आरक्षित मूल्य को कम किया गया है। बावजूद इसके लोगों को संपत्तियों के दाम काफी ज्यादा लग रहे हैं। गौरतलब है कि पिछली बार बोर्ड की तरफ से की गई नीलामी में एक भी व्यक्ति ने रुचि नहीं दिखाई थी।
यह है आरक्षित मूल्य
सेक्टर-39 के लीज होल्ड एचआईजी फ्लैट का आरक्षित मूल्य 1.05 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसी तरह सेक्टर-63 के फ्री होल्ड तीन बेडरूम फ्लैट का आरक्षित मूल्य 86.24 लाख रुपये, सेक्टर-51 के दो बेडरूम फ्लैट का आरक्षित मूल्य 81 से 84 लाख के बीच, सेक्टर-49 के एक बेडरूम फ्लैट का आरक्षित मूल्य 39.38 लाख, सेक्टर-49 के दो बेडरूम फ्लैट का आरक्षित मूल्य एरिया के हिसाब से 69.87 लाख से 71.26 लाख तक तय किया गया है। सेक्टर-49 ईडब्ल्यूएस फ्लैट का आरक्षित मूल्य 24.35 लाख, सेक्टर-63 के दो बेडरुम फ्लैट का आरक्षित मूल्य 67.30 लाख निर्धारित किया गया है।