सालों मकान का किराया न जमा कराने वालों के खिलाफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) सख्त हो गया है। स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत मिले मकानों के मालिक अब अगर किराया नहीं जमा कराएंगे तो चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, उस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक जुर्माना लगाएगा। यह आदेश यूटी प्रशासन के हाउसिंग सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा की तरफ से जारी किए गए हैं।
शहर में हजारों स्मॉल फ्लैट्स अलॉटी हैं, जिन्होंने अपना किराया नहीं जमा कराया है। इनमें से सबसे ज्यादा लोग धनास के पुनर्वास कालोनी के हैं। प्रशासन इन्हें पहले भी किराया जमा कराने को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। लोगों की तरफ से बरती जा रही लापरवाही को देखते हुए ही अब सीएचबी ने जुर्माना लगाने का फैसला लिया है। इससे पहले देरी से किराया जमा न करवाने पर ऐसा प्रावधान नहीं था। यही कारण है कि अलॉटी नियमित रूप से किराया जमा नहीं करवाते हैं, जिसके चलते अलॉटियों का करोड़ों रुपये बकाया है।
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इस संबंध में प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने ऐसे अलॉटियों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है, जो नियमित रूप से किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। अब अलॉटी देरी से किराया जमा करवाने पर कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे, जबकि पहले उन्हें कोई कार्रवाई न होने के चलते डर नहीं था।
मात्र 800 रुपये किराया, कई लोग उसे भी नहीं दे रहे
सीएचबी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यशपाल गर्ग ने बताया कि एक तरह का ब्याज है, जो अब बकाया राशि पर वार्षिक लगेगा। यह पहले ये नहीं लगता था। स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत बोर्ड ने बहुत ही कम किराया तय किया हुआ है, लेकिन बावजूद इसके अलॉटी जमा नहीं करवा रहे हैं। पहले पांच साल के लिए स्कीम का मासिक किराया 800 रुपये हैं, जिसे हर पांच साल बाद 20 प्रतिशत बढ़ाया जाता है।