चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि अगर मकान और फ्लैट का ट्रांसफर चाहिए तो इसके लिए कोई सिफारिश न करवाए। हाउसिंग बोर्ड के अनुसार आउट आफ टर्न किसी का फ्लैट ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। हाउसिंग बोर्ड ने कहा कि अगर किसी को जल्द मकान और फ्लैट ट्रांसफर करवाना है तो इसके लिए तत्काल सुविधा का प्रयोग आवेदनकर्ता को करना चाहिए।
मालूम हो कि पिछले साल अक्तूबर से हाउसिंग बोर्ड ने तत्काल सुविधा शुरू की है। यह सुविधा रेजिडेंट्स के साथ साथ क ामर्शियल प्रॉपर्टी पर भी लागू है। हाउसिंग बोर्ड के अनुसार ट्रांसफर में पारदर्शिता लाने के लिए सिफारिशें बंद करने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने कहा कि पहले आओ, पहले पाओ की स्कीम पर ही मकान ट्रांसफर करने की नीति को लागू किया गया है।
इसमे तत्काल सुविधा में किए गए आवेदन को शामिल नहीं किया जाएगा। इसक साथ ही डीलिंग सहायक कोई भी सिफारिश को मानते हुए ट्रांसफर नहीं करेगा। शिकायत मिल रही थी कि कई कर्मचारी जल्दी में किसी किसी का मकान ट्रांसफर कर रहे थे, हाउसिंग बोर्ड ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए तत्काल सुविधा को लांच किया था।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार सभी डीलिंग सहायक की कारगुजारी पर नजर रहेगी। लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डीलिंग सहायक ने हर सप्ताह कितने केस निपटाए, इसकी जानकारी बोर्ड द्वारा ली जाएगी और लोगों के लिए उसे डिस्पले करके सावर्जनिक भी किया जाएगा।
बोर्ड के अनुसार जितने भी ट्रांसफर के मामले में इस समय बोर्ड के पास लंबित पड़े हैं उन सभी को बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा इसके साथ ही बोर्ड कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी चिपकाया जाएगा। बोर्ड के अनुसार अगर किसी को मेडिकल इमरजेंसी भी है तो वह भी तत्काल से ही अपनी प्रापर्टी ट्रांसफर करवाए। बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस का कहना है कि लोगों में हाउसिंग बोर्ड का विश्वास बढ़ाने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।