चंडीगढ़। पिछले काफी समय से पैसे व अन्य दस्तावेजों को जमा कराने के बाद ड्रा के इंतजार में बैठे लोगों को मंगलवार को फ्लैट आवंटित कर दिया गया। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने मंगलवार को सुबह 11 बजे कंप्यूटराइज्ड ड्रा का आयोजन किया, जिसमें कॉलोनी नंबर-4 के सात परिवारों को मलोया में फ्लैट आवंटित हुआ।
ये सभी फ्लैट स्मॉल फ्लैट स्कीम 2006 के तहत आवंटित किए गए हैं जिसका मासिक किराया 800 रुपये होगा व बिजली-पानी का बिल अतिरिक्त होगा। ये लोग पिछले काफी समय से इंतजार में बैठे थे और प्रशासन ने कॉलोनी नंबर 4 को तोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इसलिए ये सभी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था, जिसके बाद सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशपाल गर्ग ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक की थी। जांच में सात परिवार ऐसे मिले, जो ड्रा के इंतजार में थे। उन सभी को मंगलवार को मलोया में स्मॉल फ्लैट आवंटित किया गया है। बता दें कि यूटी प्रशासन ने कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। दो महीने का नोटिस पूरा हो चुका है। प्रशासन ने बीते शनिवार तक का आखिरी समय दिया था और कॉलोनी को खाली करने के निर्देश दिए थे, ताकि तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सके। कॉलोनी में करीब 250 से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिनके पास वर्ष 2006 के बायोमीट्रिक सर्वे के दस्तावेज हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कॉलोनी तोड़ने से पहले उन्हें अन्य किसी जगह विस्थापित किया जाएगा या नहीं।