कांग्रेस नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह को अपने पाले में लाने जा रही भाजपा को राज्यसभा में संख्या बल के नाम पर लाभ होता नहीं दिख रहा है। भाजपा का दामन थापने की तैयारी कर रहे बीरेंद्र सिंह राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की सोच रहे हैं।
18 अगस्त को दिखेंगे अमित शाह के साथ
राज्यसभा सदस्य के तौर पर चौधरी का अभी दो साल का कार्यकाल बचा है। वे आगामी 18 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ एक मंच पर विराजमान रहेंगे।
ऐसे में यदि कांग्रेस उन्हें पार्टी ने निकाल देती है तो उसकी सदस्यता बची रह सकती है। जबकि भाजपा में शामिल होने पर यदि कांग्रेस राज्यसभा की विशेषाधिकार हनन समिति से चौधरी की शिकायत कर लेती है तो दलबदल कानून के तहत उनकी सदस्यता जा सकती है। इसीलिए वे इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं।
विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं बीरेंद्र सिंह
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि वे किसी दल में शामिल होते हैं तो राज्यसभा से इस्तीफा देना ही होगा। अन्यथा सदस्यता जाने का खतरा है। लोकसभा में भारी बहुमत से सरकार चला रही भाजपा राज्यसभा में अल्पमत में है।
उसके विभिन्न बिल पारित कराने के लिए कांग्रेस अथवा अन्य दलों की मदद की जरूरत है। चौधरी की सदस्यता कायम रहने पर उसे लाभ मिलता। लेकिन वे खुद इस्तीफा देने जा रहे हैं। वैसे भी वे विधानसभा चुनाव लड़ने के ज्यादा इच्छुक हैं।
मौजूदा हरियाणा विधानसभा में भाजपा ऐसी हालत में नहीं है कि अपने उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचा सकें,लेकिन चौधरी के इस्तीफे से खाली हाने जा रही सीट के लिए अब नई विधानसभा गठित होने पर ही चुनाव हो सकेंगे।