हरियाणा पर्यटन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहन चालकों की बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। अगर चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर इलेक्ट्रिक वाहन में सफर कर रहे हैं तो चार्जिंग खत्म होने को लेकर चिंतित न हों। विभाग ने चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच सौर ऊर्जा से चलने वाले छह चार्जर अंबाला, कुरक्षेत्र, करनाल, पानीपत, समालखा व सोनीपत में लगा दिए हैं। इन्हें भेल के सहयोग से लगाया गया है।
इन चार्जर को चलाने के लिए सौर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। इन प्लांट से पैदा होने वाली सौर ऊर्जा को पावर ग्रिड को बेचकर पर्यटन विभाग सालाना 70 लाख रुपये की कमाई करेगा। इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को जहां चार्जिंग की सुविधा मिलेगी, वहीं विभाग को राजस्व भी मिलेगा। हरियाणा पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं।
विभाग के घाटे को 49 करोड़ से कम कर दो करोड़ तक ले आए हैं, अगले वर्ष से विभाग फायदे में आ जाएगा। यह पहले ही हो चुका होता, लेकिन विभाग के हाईवे किनारे स्थित 43 होटल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह-सात महीने बार बंद रहने पर 15 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा था। प्रदेश में मोरनी हिल्स व सुलतानपुर वर्ल्ड सेंचुरी नए पर्यटन स्थल के तौर पर स्थापित हो चुके हैं, यहां का राजस्व बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि माधोगढ़ और महेंद्रगढ़ जिले में स्थित एक और किले का जीर्णोद्वार किया जा रहा है। इन किलों में होटल व स्पा खोले जाएंगे। इनमें एडवेंचर स्पोर्ट्स भी होंगी।