हरियाणा सरकार ने लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह की मौत मामले की जांच में सक्रियता दिखाते हुए पीजीआई, रोहतक के दो अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया है।
सरकार ने मंगलवार देर शाम निदेशक डा. रोहताश यादव और सीनियर प्रोफेसर डा. ध्रुव चौधरी को चार्जशीट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों अफसरों से पूछा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री के इलाज और प्रोटोकॉल में कोताही क्यों बरती गई।
हरियाणा के राज्यपाल ने डा. रोहताश यादव के स्थान पर टीबी एवं रेस्पीरेटरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डा. केबी गुप्ता को कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है। इस पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं होने तक डॉ. केबी गुप्ता अपनी सेवाएं देंगे।
मामले में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अशोक कुमार चौहान की भूमिका की गंभीरता से जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रामनिवास को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साथ ही मेडिकल कालेज की एक्जीक्यूटिव काउंसिल को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद पर नियुक्ति को कहा गया है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह की मौत के मामले की जांच आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी को सौंपी थी।
कासनी ने अपनी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को सौंप दी थी, जिसमें पीजीआई, रोहतक के अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
बाद में मुख्यमंत्री ने कासनी की रिपोर्ट को खारिज करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव आरपी चंद्र को जांच का जिम्मा सौंपा था। आरपी चंद्र ने रिटायरमेंट से पहले जो रिपोर्ट सौंपी, वह कासनी की रिपोर्ट से मिल रही थी।