चंडीगढ़। कोरोना वायरस के चलते कर्फ्यू के बीच सेक्टर 26 स्थित ग्रेन मार्केट के आढ़तियों के वेंडर्स के लिए पास बनाने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रेन मार्केट के 40 फीसदी आढ़तियों का आरोप है कि 60 फीसदी चहेते आढ़तियों के वेंडर्स के ही पास बनाए गए हैं। वहीं, ऊपर तक पहुंच रखने वाली कुछ फर्मों के 10-10 पास बनाए दिए गए।
बता दें कि लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच ग्रेन मार्केट पर जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। यहां पर पंजीकृत लगभग 120 आढ़ती फर्मों के जरिए प्रशासन लोगों के घरों में सब्जियां, फल और राशन पहुंचा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने पंजीकृत वेंडर्स के पास बनाए हैं, लेकिन लोगों को आरोप है कि इसमें लापरवाही बरती गई है। यही नहीं, इनमें अधिकांश वेंडर्स ही नहीं हैं। इसे लेकर पास से वंचित फर्मों के स्वामियों और आढ़ती एसोसिएशन में नाराजगी है।
कुछ फर्मों पर मेहरबान हुआ प्रशासन
सब्जियों, फलों और राशन की सप्लाई के लिए कुछ ही फर्मों पर प्रशासन मेहरबान दिखा। बनाए गए पास की लिस्ट में मेसर्स चंडीगढ़ फ्रूट कंपनी के 10 और राणा एंड राणा के 10 पास बनाए दिए गए हैं, जबकि सूत्रों की मानें तो यह दोनों फर्में एक ही आढ़ती की ओर से संचालित की जा रही हैं। कुछ और भी फर्म हैं, जिनको एक ही आढ़ती की ओर से संचालित किया जाता है। पासों की संख्या अधिक होने के कारण इन्हीं फर्मों का 80 प्रतिशत सामान बिक्री हो रहा है।
मेरी फर्म के वेंडरों और मुनीमों का एक भी पास नहीं बनाया गया है। कई बार मार्केट कमेटी को इस बारे में कह चुका हूं, लेकिन अभी तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। अब मैं घर बैठ गया हूं। -अनिल ढींगरा, आलू प्याज ट्रेडर आढ़ती एसोसिएशन, ग्रेन मार्केट
एक फर्म के 10-10 पास बनाने की जानकारी मुझे नहीं है। हां, अभी कुछ लोगों के पास नहीं बन पाए हैं, लिस्ट फाइनल हो चुकी है। जल्द ही जिन फर्मों के वेंडर्स के पास नहीं बन पाए हैं, उनके पास बन जाएंगे। -जरनैल सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, चंडीगढ़।