देश में दिल के रोगों के इलाज के लिए प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. नरेश त्रेहन के पिता डॉ. सुदर्शन त्रेहन की हत्या के आरोप में शिअद नेता व दो बार विधायक रहे विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ हत्या के आरोप तय कर दिए हैं। पुलिस ने वल्टोहा के विरुद्ध आईसीपी की धारा 302 व 307 के तहत 2019 में एक एफआईआर दर्ज की थी।
इसे आधार बनाकर पट्टी की अदालत में उनके खिलाफ चालान पेश किया था। अदालत ने वल्टोहा को 13 मार्च को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सुदर्शन की हत्या पट्टी में 1983 में आतंकवाद के दौरान हुई थी। तब पुलिस ने इस हत्या के आरोप में दो आरोपियों हरदेव सिंह व बलदेव सिंह को गिरफ्तार किया था।
अदालत में चले मुकदमे के बाद इन दोनों आरोपियों को 11 नवंबर 1990 को रिहा कर दिया था। इस हत्या में कथित रूप से शामिल वल्टोहा को पुलिस ने कभी गिरफ्तार नहीं किया।
पंजाब मानव अधिकार संगठन के मुखिया अजित सिंह बैंस ने पुलिस पर वल्टोहा को गिरफ्तार न करने और पुलिस-राजनेताओं के गठजोड़ का आरोप लगाया था। अमर उजाला से बातचीत में वल्टोहा ने कहा कि इस केस का निपटारा हो चुका है। यह केस ही झूठा था। इस बारे में वह बीते एक वर्ष से अदालत में पेश हो रहे हैं।