कोरोना की तीसरी लहर में अगर संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन होंठ और नाखून के रंगों में बदलाव आ रहा है तो सचेत हो जाइए। क्योंकि यह कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण का शुरुआती दौर हो सकता है। नाखून और होंठों के रंग में बदलाव दिखाई देते ही तत्काल खुद को आइसोलेट कर लें। क्योंकि जांच में भले ही संक्रमण की पुष्टि न हो, लेकिन आपके शरीर में संक्रमण पहुंच चुका है।
डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट ने ओमिक्रॉन के कारण त्वचा पर होने वाले दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को आगाह करते हुए नई गाइडलाइन भी जारी कर दी है। गाइडलाइन के अनुसार हमारी त्वचा के रंग का पीला, धूसर या नीले रंग का होना, नाखून के रंग में बदलाव आना, होंठ के रंग का नीला या दूसरे कलर में परिवर्तित होना इस बात को पुष्ट करता है कि हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है, जिससे त्वचा की कोशिकाओं में ऑक्सीजन का संचार अवरोधित होने पर रंग में बदलाव आने लगता है।
सांस लेने में तकलीफ, सीने में लगातार दर्द या दबाव, घबराहट, नींद न आना, गले में खराश, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, सर्दी, सिरदर्द, थकान, छींक आना, रात में पसीना आना, शरीर में दर्द, आंखों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आना आदि।
पहली लहर : पैरों की उंगलियों में सूजन (कोविड टोज)
कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में भी त्वचा पर अलग-अलग लक्षण और दुष्प्रभाव दिखाई देने लगे हैं। शुरुआती दौर में ही लक्षणों को पहचान कर सही इलाज शुरू कर दिया जाए, क्योंकि स्थिति गंभीर होने पर समस्या को पूरी तरह से दूर करना संभव नहीं हो पाता। -डॉ. विकास शर्मा, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट के अंतरराष्ट्रीय फेलो