भारत सरकार के आवास एवं शहरी मंत्रालय ने शुक्रवार को अखिल भारतीय स्मार्ट सिटी पुरस्कार प्रतियोगिता (आईएसएसी) 2022 की घोषणा की है। इसमें विभिन्न श्रेणियों में चंडीगढ़ छाया रहा। सर्वश्रेष्ठ यूटी पुरस्कार के साथ पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट के लिए मोबिलिटी, ई-गवर्नेंस श्रेणी में भी अव्वल रहा है। स्वच्छता श्रेणी में कचरा संग्रहण के स्काडा के लिए तीसरा स्थान मिला है। प्रतियोगिता के विजेताओं को 27 सितंबर को इंदौर में राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
शहर को उसकी रणनीतियों, नवीन विचारों, समाधानों और उसकी परियोजनाओं के माध्यम से प्राप्त प्रमुख प्रभावों की मान्यता के लिए सर्वश्रेष्ठ यूटी पुरस्कार दिया गया। चयन में शहर की सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के प्रति प्रतिबद्धता, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भौतिक व वित्तीय प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों ने प्रमुख भागीदारी निभाई है। इसमें इंडिया साइकिल्स4चेंज चैलेंज, क्लाइमेट स्मार्ट सिटीज चैलेंज और स्ट्रीट्स4पीपल चैलेंज आदि शामिल है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर अपनी परियोजना के साथ स्वच्छता श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
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जीपीएस-सक्षम कचरा संग्रह व एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र के माध्यम से निगरानी सहित इस परियोजना के कार्यान्वयन से कचरा संग्रह प्रणाली में काफी सुधार हुआ है। स्वच्छता और घरेलू खतरनाक कचरे के 100 फीसदी निपटान, पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं से अधिक राजस्व उत्पन्न करने और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने का एक मील का पत्थर हासिल किया है। इस परियोजना ने विभिन्न स्थानों पर पहले पिंक एमआरएफ की स्थापना के माध्यम से 20 महिला कचरा बीनने वालों के पुनर्वास में भी योगदान दिया है। इसके अलावा चंडीगढ़ ने आरआरआर केंद्रों को शुरू करने से भी काफी प्रशंसा अर्जित की है।
पुरस्कारों के लिए आए थे 845 नामांकन, पांच चरणों में हुआ मूल्यांकन
आईएसएसी-2022 के लिए 80 योग्य स्मार्ट शहरों से कुल 845 नामांकन प्राप्त हुए थे। इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन पांच चरणों में किया गया। पहले चरण में 845 प्रस्तावों की प्री-स्क्रीनिंग की गई। आधे प्रस्ताव बाहर हो गए। दूसरे चरण में हर पुरस्कार श्रेणी के लिए शीर्ष 12 प्रस्तावों की पहचान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स की जूरी ने की। तीसरे चरण में प्रत्येक प्रस्ताव, प्रस्तावक ने विषय विशेषज्ञों के एक पैनल के सामने एक प्रस्तुति दी, जिससे शीर्ष 6 प्रस्तावों का चयन हुआ।
चौथे चरण में शीर्ष 6 प्रस्तावों की आवास एवं शहरी मंत्रालय के निदेशकों की अध्यक्षता वाली जूरी के सामने एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे। इस चौथे चरण के बाद, स्मार्ट सिटीज मिशन की शीर्ष समिति की ओर से प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी के लिए शीर्ष 3 प्रस्तावों की पहचान की गई। पांच पुरस्कार श्रेणियों के तहत प्राप्त कुल 845 आवेदनों में से, 66 अंतिम विजेताओं की पहचान की गई है। इसमें प्रोजेक्ट अवॉर्ड में 35, इनोवेशन अवॉर्ड में 6, नेशनल/जोनल सिटी अवॉर्ड में 13, राज्य/यूटी अवॉर्ड में 5 और पार्टनर अवॉर्ड श्रेणियों में 7 शामिल हैं।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी के 1479.42 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट पर काम जारी
लोकसभा में सांसद माला रॉय की ओर से स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अन्य राज्यों के अलावा चंडीगढ़ की स्थिति भी बताई। कहा कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी की तरफ से अब तक 1729.20 करोड़ के 85 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 1479.42 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। बताया गया कि इन सभी कार्यों के जून 2024 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में 3208.62 करोड़ की कुल 98 परियोजनाएं हैं।
चंडीगढ़ की उपलब्धियों पर गर्व
राष्ट्रीय स्मार्ट सिटी अवार्ड में चंडीगढ़ की उपलब्धियों पर गर्व है। पब्लिक बाइक शेयरिंग परियोजना के लॉन्च के साथ एक हरित, अधिक टिकाऊ शहर की हमारी परिकल्पना वास्तविकता बन रही है। साइकिल इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक बसें नवाचार, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करती हैं। ये पुरस्कार हमारे नागरिकों और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी टीम की मेहनत और समर्पण का प्रमाण हैं।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
शहर के नागरिकों को श्रेय
नए विकल्पों को अपनाने व शहर के स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए पुरस्कार का श्रेय चंडीगढ़ के नागरिकों को जाता है। राष्ट्रीय स्मार्ट सिटी पुरस्कार में चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी को मान्यता, सतत विकास, नागरिक-केंद्रित सेवाओं और निरंतर नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए चंडीगढ़ को एक मॉडल स्मार्ट सिटी में बदलने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
- आनिंदिता मित्रा, सीईओ, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी