सिटी ब्यूटीफुल पहली बार वर्ल्ड हेरिटेज मीटिंग की मेजबानी कर रहा है। वीरवार को इस विशेष मीटिंग में 7 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सभी वही देश हैं जिनकी साइट वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस केलिए नामांकित हो चुकी हैं।
इनमें भारत सहित अर्जेंटिना, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और जापान शामिल हैं। इन सात देशों की 17 साइट वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस पाने केलिए दौड़ में शामिल हैं। फ्रांस केप्रतिनिधि मंगलवार को ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। बुधवार को दूसरे देशों के प्रतिनिधि भी चंडीगढ़ पहुंच गए।
भारत से चंडीगढ़ का कैपिटल कांप्लेक्स वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस केलिए दावेदारी कर रहा है। इससे पहले पेरिस में इन सात देशों की मीटिंग हो चुकी है। अब मेजबानी दो साल के लिए भारत को मिली है। वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस केलिए सबसे अधिक फ्रांस की 10 साइट दौड़ में शामिल हैं। स्वीट्जरलैंड की 2, अर्जेंटिना, बेल्जियम, जर्मनी, जापान और भारत की एक-एक साइट स्टेटस पाने की कतार में हैं।
हेरिटेज साइट के डोजियर पर होगी चर्चा
इस अहम मीटिंग में सभी देश हेरिटेज साइट के संरक्षण और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। साइट के लिए नियम कायदे बनाने पर भी बात होगी। सातों देशों की इन 17 साइट के लिए निर्धारित सामान्य प्रतिबद्धताओं पर जो डोजियर तैयार हुआ है उस पर विस्तार से बात होगी। मीटिंग के बाद सभी प्रतिनिधि कैपिटल कांप्लेक्स का दौरा भी करेंगे। इसके बाद 26 फरवरी सभी सिटी ब्यूटीफुल का दौरा करेंगे और चयनित स्थलों को देखेंगे।
कैपिटल कांप्लेक्स के लिए बनेगा बफर जोन
कैपिटल कांप्लेक्स के लिए बफर जोन बनाया जाएगा। जिसके तहत जो एरिया निर्धारित होगा उसमें कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं हो सकती। अलग से बिल्डिंग बॉयलाज भी प्रशासन कैपिटल कांप्लेक्स केलिए बना रहा है। इसका मकसद भविष्य में कैपिटल कांप्लेक्स के अंदर नाजायज निर्माण को रोकना होगा। बायलाज बनने केबाद कोई भी अधिकारी कांप्लेक्स से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा।
आइकोमोज को जवाब भी मीटिंग के बाद
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (आईकोमोज) ने हेरिटेज साइट केलिए नामांकित कैपिटल कांप्लेक्स संबंधित जो सवाल पूछे थे। उनका जवाब 28 फरवरी तक भेजा जाना है। जुलाई तक प्रक्रिया पूरी होने के बाद हेरिटेज स्टेटस वाली साइट के नाम घोषित होंगे।
हेरिटेज रिकॉर्ड करेंगे साझा
पंजाब यूनिवर्सिटी और ली कार्बूजिए फाउंडेशन फ्रांस अब मिलकर ली कार्बूजिए से जुड़ी धरोहर केरिकॉर्ड को आपस में साझा करेंगे। बुधवार को पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर, फाउंडेशन ली कार्बूजिए के डायरेक्टर मिशल रिचर्ड्स के बीच इस प्रस्ताव को लेकर पीयू में एमओयू साइन हुआ।