शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से ऐसा महसूस हुआ कि पूरे उत्तर भारत में मानसून आ गया हो। ठंडी हवाओं और बारिश से अधिकतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में हुई बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। 24 घंटे में करीब 20.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल 2019 में 24 घंटे में 10 एमएम, साल 2018 में 4.4 और साल 2017 में 4.0 एमएम दर्ज हुई थी।
बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बीते मंगलवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन था। इन दिनों बारिश की वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के आसपास के भागों में बने चक्रवाती हवाएं बनीं।
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इन मौसमी सिस्टम की वजह से मौसम ने करवट बदली है। मौसम में आए बदलाव से अधिकतम तापमान में सामान्य से सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था।
2014 के बाद बनी ऐसी स्थिति
चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मई के महीने में छह साल बाद ऐसा मौसम देखने को मिला है। मई में पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन कमजोर होते थे। बारिश भी बहुत कम हुआ करती थी। काफी साल बाद मई में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ देखने को मिला है। जनवरी से लेकर अब तक एक दर्जन से ज्यादा पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं। मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत में बारिश होती है।