मार्च में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद जीएसटी संग्रह में एक बार फिर चंडीगढ़ ने पहला स्थान प्राप्त किया है। चंडीगढ़ ने इस वित्तीय वर्ष में 99 प्रतिशत रिटर्न फाइल का लक्ष्य पूरा करते हुए 83.10 प्रतिशत जीएसटी संग्रह किया। गुजरात ने 81.44 प्रतिशत संग्रह कर दूसरा और पंजाब ने 81.10 प्रतिशत जीएसटी संग्रह कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
वस्तु एवं सेवा कर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में 27 हजार से अधिक ट्रेडर हैं। इनमें 22 हजार से अधिक ट्रेडर समय से रिटर्न फाइल करते हैं। इस बार भी 31 मार्च 2020 वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर देश में जीएसटी संग्रह में अन्य राज्यों को पछाड़ते हुए चंडीगढ़ ने अव्वल स्थान प्राप्त किया।
चंडीगढ़ ने 83.10 प्रतिशत जीएसटी संग्रहण किया है। 2019 में जीएसटी संग्रह 81.39 प्रतिशत था। इस वर्ष 1.71 प्रतिशत अधिक जीएसटी संग्रह हुआ है। जीएसटी संग्रह चंडीगढ़ प्रशासन के लिए राजस्व संग्रह का प्रमुख स्रोत भी माना जाता है, इसलिए विभाग संग्रह को लेकर काफी गंभीरता से कार्य करता है।
जुलाई में 108.04 करोड़ रुपये का हुआ संग्रह
लॉकडाउन के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 के जीएसटी संग्रह में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जुलाई में जीएसटी संग्रह 108.04 करोड़ रहा। अप्रैल में जीएसटी संग्रह की दर 13.92 करोड़ रुपये थी। मई में 43.52 करोड़ और जून में 71.31 करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह हुआ था।
जीएसटी संग्रह को लेकर इस बार विभाग ने कुछ बदलाव किए थे। करदाताओं को रिटर्न फाइल करने के लिए समय-समय पर जागरूक किया गया। एसएमएस के जरिए भी रिटर्न फाइल करने की करदाताओं को जानकारी दी गई।
- आरके चौधरी, असिस्टेंट कमिश्नर, वस्तु एवं सेवाकर विभाग