ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में स्कोर शून्य
इस रैंकिंग में कई अहम तथ्य भी देखने को मिले हैं। बिजनेस एनवायरमेंट के इंडेक्स में इज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉमन फैसिलिटी सेंटर का स्कोर शून्य है। इसका मतलब है कि शहर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में काफी पीछे है। इसके अलावा रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर किए जाने वाले खर्च के वर्ग में भी चंडीगढ़ को जीरो नंबर दिया गया है जबकि स्कूलों में कंप्यूटर फैसिलिटी पर 99.14, प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में प्यूपिल-टीचर रेशों 75.59, वोकेशनल एजुकेशन में एनरोलमेंट पर 5.57 और सभी गांव में इंटरनेट की सुविधा के लिए 100 नंबर मिले हैं। इंडेक्स के अनुसार चंडीगढ़ इन्वेस्टमेंट, नॉलेज वर्कर, नॉलेज आउटपुट और नॉलेज डिफ्यूजन में काफी कमजोर है और सलाह दी गई है कि चंडीगढ़ को इस पर काम करने की जरूरत है।
क्या है इंडिया इनोवेशन इंडेक्स
नीति आयोग और प्रतिस्पर्धात्मकता संस्थान की तरफ से तैयार किया गया इंडिया इनोवेशन इंडेक्स इनोवेशन इकोसिस्टम के मूल्यांकन और विकास का एक विस्तृत साधन है। यह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को उनके नवाचार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एक क्रम में रखता है ताकि उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
पिछले दिनों जारी इन रैंकिंग में पिछड़ा है चंडीगढ़
- छह जुलाई को जारी ‘एनएफएसए राज्य रैंकिंग सूचकांक 2022’ में चंडीगढ़ डीबीटी की श्रेणी में आखिरी पायदान पर पहुंच गया है।
- चार जुलाई को जारी स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग में चंडीगढ़ लीडर की कैटेगरी से एस्पायरिंग लीडर की कैटेगरी में आ गया है। चंडीगढ़ इसमें एक पायदान नीचे आया है।
- 30 जून को जारी व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 रैंकिंग की उभरते हुए बिजनेस इकोसिस्टम की श्रेणी में चंडीगढ़ बिहार राज्य से भी पीछे है। केंद्र की सूची में आंध्र प्रदेश, गुजरात और हरियाणा टॉप अचीवर हैं।
- 20 नवंबर 2021 को जारी स्वच्छता की रैंकिंग में चंडीगढ़ करीब 50 पायदान नीचे गिरकर 66वें नंबर पर आ गया है। वर्ष 2016 में चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर था। वर्ष 2017 में 11वें, 2018 में तीसरे, 2019 में 20वें, 2020 में 16वें और 2021 में 66वें पायदान पर पहुंच गया।