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सड़कों का सर्वेः पांच ब्लैक स्पॉट पर 4 साल में 38 मौतें, कहीं साइकिल ट्रैक तो कहीं टेबल-टॉप क्रॉसिंग नहीं

Mon, 21 Apr 2025 09:58 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ जैसे छोटे शहर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों से आम नागरिकों के अलावा यूटी प्रशासन के अधिकारी भी चिंतित हैं। सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई रोड सेफ्टी कमेटी में यह फैसला हुआ था कि शहर की सभी सड़कों का दोबारा सर्वे किया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि कहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं और इसके पीछे कारण क्या है। 
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चंडीगढ़ में सड़कों का सर्वे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के निर्देश पर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने शहर की सभी सड़कों का बड़ा सर्वे किया है। पांच ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, जहां चार साल में 38 मौतें हुई हैं। 
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हादसों की वजह साइकिल ट्रैक और टेबल-टॉप क्रॉसिंग जैसी सुविधाओं की कमी पाई गई। रिपोर्ट में ट्रांसपोर्ट, कलाग्राम, एयरपोर्ट लाइट पॉइंट और पोल्ट्री फार्म चौक को सबसे खतरनाक बताया गया है।

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कमेटी को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म सुझाव देने के भी निर्देश दिए गए थे। इसके लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के साथ एनजीओ की मदद ली गई, जो सड़क सुरक्षा के फील्ड में काम करते हैं। साथ ही, ट्रैफिक एडवाइजर्स भी बुलाए गए। इन सभी की जॉइंट टीम बनी और कई महीनों की मेहनत के बाद 68 पेज की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें कई तरह के समस्याओं के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में स्लिप रोड की बनावट, चौड़ाई और सड़क फर्नीचरों पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में 5 ब्लैक स्पॉट बताए गए हैं, जिन पर विस्तार से बात की गई है।
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चंडीगढ़ के ब्लैक स्पॉट, वहां हुए हादसे, समस्या और समाधान   

1. ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट
हादसेः चार साल में 7 घातक हादसे और 7 मौतें
समस्याः
सड़क छह लेन से चार लेन में संकरी हो जाती है। भारी वाहन सभी लेन पर कब्जा कर लेते हैं। ट्रैफिक संकेतों और सड़क चिह्नों का फीका होना और सेक्टर 26 सब्जी मंडी के पास धीमी गति वाली सड़क के मिलने से जाम लगता है।
समाधानः ट्रिब्यून चौक से टीपीटी लाइट पॉइंट के दोनों तरफ भारी वाहन लेन को चिह्नित करना, फीके सड़क चिन्हों को बदलना, टीपीटी लाइट पॉइंट से बीडीसी लाइट पॉइंट तक सड़क को चौड़ा करने और साइकिल ट्रैक बनाना, सीटीयू वर्कशॉप लाइट पॉइंट से गरचा लाइट पॉइंट रोड होते हुए पंचकुला के लिए एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करना और मनीमाजरा को पंचकूला से जोड़ने के लिए एक अंडरपास का निर्माण करना।

2. कलाग्राम लाइट पॉइंट
हादसेः चार साल में 8 घातक हादसे और 8 मौतें
समस्याः
पेट्रोल स्टेशन के पास कोई अलग साइकिल ट्रैक नहीं, पेट्रोल पंप से निकलने वाले वाहनों का सीधे ट्रैफिक में मिल जाना, जिससे बाईं स्लिप रोड बाधित होती है, चौराहे पर बने मीडियन आइलैंड पर मार्किंग का गायब होना और कलाग्राम की ओर से वाहनों और साइकिलों का मुख्य कैरिज-वे में गलत दिशा में चलना।
समाधानः 50 मीटर के अंतराल पर 15 मिमी मोटे रंबल स्ट्रिप्स के 5-6 सेट लगाना, गलत दिशा में आवाजाही को रोकना, बस स्टॉप के पास 15 मिमी मोटे रंबल स्ट्रिप्स लगाना, 2.5 मीटर का अलग पैदल यात्री और साइकिल ट्रैक विकसित करना, मध्य मार्ग के किनारे एक स्लो कैरिज-वे का निर्माण, सभी तरफ स्लिप सड़कों को चौड़ा करना और रेलवे स्टेशन और पंचकूला को जोड़ने वाले चौराहे पर चौथे सड़क का प्रस्ताव।

3. शास्त्री नगर लाइट पॉइंट
हादसेः चार साल में 5 घातक हादसे और 5 मौतें

समस्याः मनीमाजरा और आईटी पार्क से पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के साथ तेज गति वाला ट्रैफिक, टेबल-टॉप क्रॉसिंग का न होना, बापूधाम कॉलोनी के पास स्लो कैरिज-वे पर साइकिल ट्रैक की कमी, कैरिज-वे पर वाहन खड़े होना, लेन का बहुत संकरा होना।
समाधानः मुख्य कैरिज-वे से पुराने साइकिल ट्रैक को हटाना, नर्सरी के पास स्लो कैरिज-वे पर अवैध वाहन पार्किंग रोकना, आईटी पार्क के पास साइकिल ट्रैक पर गुम हुए बोलार्ड लगाना, बापूधाम से आईटी पार्क की ओर बाईं ओर साइकिल ट्रैक की संभावना का पता लगाना, जंक्शन पर एक समर्पित पैदल यात्री लेन बनाना।

4. एयरपोर्ट लाइट पॉइंट
हादसेः चार साल में 8 घातक हादसे और 8 मौतें

समस्याः स्थानीय बस स्टॉप का सर्विस लेन के प्रवेश द्वारों के बहुत करीब होना, ओवरस्पीडिंग, लापरवाही से ड्राइविंग, नशा करके गाड़ी चलाना और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव मार्किंग की कमी यहां प्रमुख समस्याएं हैं।
समाधानः हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट से पहले एक अतिरिक्त स्पीड रडार कैमरा स्थापित करना, सर्विस लेन पर रंबल स्ट्रिप्स लगाना, जेब्रा क्रॉसिंग पर मोटर चालित वाहनों को प्रवेश करने से रोकने के लिए डिवाइडर पर बोलार्ड लगाना, जंक्शन पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण करके ग्रेड सेपरेशन लागू करना, एयरपोर्ट लाइट पॉइंट से हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट तक लगातार स्लो कैरिज-वे के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करना।

5. पोल्ट्री फार्म चौक
हादसेः चार साल में 8 घातक हादसे और 10 मौतें

समस्याः चंडीगढ़-अंबाला रोड पर भारी ट्रैफिक, गुजरने वाले ट्रकों की संख्या ज्यादा होना। जीरकपुर की ओर स्लो कैरिज-वे की एंट्री का काफी छोटा होना, हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट से जंक्शन की ओर आने वाली संकरी सड़क और पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए ट्रैफिक लाइट का न होना।
समाधानः सभी तरफ सड़कों को चौड़ा करना, बस स्टॉप के पास एक एग्जिट बनाना और हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट के पास वाले को बंद करना, भीड़ कम करने के लिए रामदरबार की ओर सेंट्रल वर्ज ओपनिंग को बंद करना, भीड़ कम करने के लिए हल्लोमाजरा और पंचकूला की ओर जाने वाले यातायात के लिए एक अंडरपास का निर्माण करना, कॉलोनी नंबर 4 से पंचकूला तक तत्काल सड़क संपर्क विकसित करना,ट्रैफिक फ्लो और प्रबंधन के आकलन में एनएचएआई और राइट्स लिमिटेड को शामिल करना।
 
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