दुरचारी पुलिस गैंग के खिलाफ ट्राईसिटी की जनता में काफी आक्रोश है। जनता का विश्वास पुलिस पर ही डगमगा गया है। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने अपने एसएमएस अमर उजाला को भेज।
अधिकतर ने दोषियों को फांसी की सजा की मांग की है। पाठकों के चुनिंदा एसएमएस हम नीचे दे रहे हैं-
-हमारी रक्षा करने वाले ही अगर भक्षक बन जाएंगे तो हम अपनी सुरक्षा की उम्मीद किससे करें। इस शर्मनाक हरकत को अंजाम देने वाले आरोपी पुलिस कर्मचारियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
अंजलि मेहरा, चंडीगढ़
-चंडीगढ़ को देश के अन्य शहरों की अपेक्षा काफी सुरक्षित माना जाता है,लेकिन स्थानीय पुलिस की यह हरकत काफी शर्मनाक है। इस हरकत के लिए उन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए।
गुलशन मिश्रा, चंडीगढ़
-चंडीगढ़ पुलिस के सभी कमचारियों को अपने अंदर के हैवान को मारना होगा, वरना पुलिस प्रशासन को जनता का विरोध सहन करना होगा।
कन्हैया कुमार, चंडीगढ़
जो हुआ बहुत बुरा हुआ, लेकिन सभी पुलिस वाले एक जैसे नहीं होते, आरोपियों को इस कृत्य के लिए सजा जरूर मिलनी चाहिए।
आरोपियों की इस हरकत पर जनता को गुस्सा पब्लिक प्रापर्टी और सरकारी वाहनों पर नहीं उतारना चाहिए। गुस्सा उतारने के और भी तरीके हैं। संघर्ष करो और न्याय दिलाओ।
-अमित कुमार, चंडीगढ़
जनता और लड़कियों की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही ऐसी हरकत करने लगे तो विश्वास किस पर किया जाए। ऐसी हरकत करने वाले पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
-रोजी गुप्ता, खरड़
अगर केंद्र सरकार दिल्ली में हुए दुराचार के सभी दोषियों को अब तक फांसी की सजा का निर्णय ले लेती तो चंडीगढ़ में इस प्रकार की घटना नहीं होती।
-अमृतपाल, सैक्टर 29, चंडीगढ़
छात्रा से ऐसी दुराचार जैसी शर्मनाक हरकत करने वाले पांचों पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। मैं बाबा रामदेव का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने पीड़ित लड़की की इतनी सहायता की।
लखविंदर सैनी, टोडा, पंचकूला
सबसे पहले तो दुराचार पीड़ित लड़की को मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके बाद इस प्रकार की हरकत करने वाले दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देनी चाहिए ताकि इन प्रकार का गुनाह करने वाला ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
वीरेंद्र रॉय, चंडीगढ़
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो किससे सुरक्षा की उम्मीद की जाए। दुराचार की हरकत करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए।
धरमपाल आर्य, चंडीगढ़
पुलिस की इस हरकत की वजह से हमारा उससे विश्वास उठ गया है। इन्होंने वर्दी को कलंकित किया है। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जिन्होंने ऐसा किया है उन्हें फांसी होनी चाहिए।
-कपिश कुमार
पीसीआर कर्मियों पर रेप का आरोप। रक्षक ही भक्षक बने। ओह गॉड। केस सीबीआई को दो। फास्ट ट्रेक ट्रायल हो।
-सुभाष पपनेजा, पंचकूला
इन पाठकों ने अपने नाम नहीं भेजे
-चंडीगढ़ पुलिस को सिर्फ पब्लिक को हरास करना आता है। चालान काटने में आगे है और क्राइम रोकने में जीरो। ये कोई केस सोल्व भी करेगी या सारा स्टाफ बस सड़क पर पैसे इकट्ठे करने में लगा है।
-हमारी सरकार को अब जाग जाना चाहिए, नहीं तो यह क्राइम कभी खत्म नहीं होगा।
-इन पुलिसवालों को ऐसी सजा दी जाए कि अगली बार कोई ऐसा करने से पहले लाख बार सोचे।
-पांचों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
-इन्हें फांसी की सजा हो। वी वांट जस्टिस।
-इंडिया की नंबर वन पुलिस की हकीकत !
-वैरी-वैरी शेम टू रेपिस्ट। इमिडेट चालान एंड हैंग देम।
-पुलिस शुड एपोलाइज टू पब्लिक। डेथ सेंटेंस शुड वी गिवन टू द कलप्रिट्स।
- आप लोग सबकी राय मांगते हो। क्या किसी की राय पूरी भी होती है। मेरी राय यह है कि इन सभी को फांसी दे दी जाए। दिल्ली के दरिंदों को क्या अभी तक फांसी हुई। उन्हें जब तक फांसी पर नहीं लटकाओगे तब तक लड़कियों के साथ ऐसी दरिंदगी होती रहेगी। क्या मेरी राय पूरी होगी?
-विदाउट एनी डिले दे शुड वी हेंग्ड।