विधानसभा अध्यक्ष ने रेलवे स्टेशन का नाम चंडीगढ़-पंचकूला स्टेशन करने की मांग की। इस संदर्भ में मांगपत्र सौंपकर उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने रेलमंत्री और गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि जो लोग दूसरे प्रदेशों से यहां आते हैं, उन्हें पता नहीं चल पाता है कि चंडीगढ़ और पंचकूला स्टेशन एक ही है।
दोनों तरफ होंगी एक समान सुविधा
अब तक रेलवे स्टेशन का पंचकूला की तरफ का हिस्सा विकास से अछूता रहा है। अब दोनों तरफ एक जैसी ही सुविधाएं देने की योजना रेलवे ने बनाई है। इसमें दोनों तरफ 15-15 टिकट काउंटर, बुक स्टाल, रिटेल शॉप, रेलवे ऑफिस, एक्ज्यूक्टिव लांज, सीसीटीवी और सर्विलांस रूम बनाया जाएगा। पंचकूला की तरफ जीआरपी पुलिस चौकी भी बनाई जाएगी। स्टेशन पर लिफ्ट की संख्या दो से बढ़ाकर 27 और एस्कलेटर की संख्या आठ से बढ़ाकर 11 कर दी जाएंगी।
ट्राईसिटी में मेट्रो की वकालत
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि आने वाले 10-15 वर्षों की स्थिति को देखकर पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली के लिए मेट्रो चलाए जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़ में ट्रैफिक तेजी से बढ़ता जा रहा है। इससे लंबे जाम लगने के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की भी अधिक खपत हो रही है। ट्राई सिटी के लिए मेट्रो चलाई जानी चाहिए। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने कहा कि रेलवे स्टेशन का विकास किया जा रहा है। इन सुझावों को भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा।
गंगल ने सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम का उद्घाटन किया
आशुतोष गंगल ने कालका स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के थाने में लगे सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कालका रेलवे स्टेशन पर उच्चतम क्वालिटी के 86 कैमरे लगाए गए हैं। इन पर 1.7 करोड़ की लागत आई है। इन सीसीटीवी कैमरों को अगर कोई टच करेगा सायरन बजना शुरू हो जाएगा। महाप्रबंधक ने कपूरथला रेलवे वर्कशॉप से बनकर आए कालका-शिमला रेलवे ट्रैक के दो नए डिब्बों को देखा और विस्तार से उनके बारे में जानकारी ली।