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चंडीगढ़ में ऑटो बेलगाम, नियमों की धज्जियां उड़ा रहे सरेआम, कब किधर मुड़ जाएं, नहीं कोई भरोसा

Wed, 24 Jul 2019 11:29 AM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ऑटो रिक्शा - फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ में ऑटो चालक ट्रैफिक नियमों की लगातार धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन्हें अब चंडीगढ़ की स्मार्ट पुलिस का कोई डर नहीं है। यही वजह है कि आपके सामने अचानक ऑटो दाएं, बाएं या पीछे कब मुड़ जाएं उसका कोई भरोसा नहीं है। इससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को सड़क हादसे का हमेशा डर बना रहता है, लेकिन ऑटो वालों की हालत यह है कि.. जितना मर्जी चालान काट लो, हम तो ऐसे ही ऑटो चलाएंगे। यह तो सिर्फ मध्य मार्ग की हालत है, जबकि शहर के अन्य सेक्टरों में भी ऐसे ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में आए दिन लापरवाही से ऑटो चलाने के कई मामले दिन प्रतिदिन सामने आते रहते हैं। पुलिस इन्हें पकड़कर चालान भी करती है, लेकिन चालक अपने ऑटो को लापरवाही से चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस साल ट्रैफिक पुलिस लापरवाही से ऑटो चलाने, सवारी ज्यादा बिठाने, तेजरफ्तार, बिना वर्दी के ड्राइव करने, नाम प्लेट, समेत अन्य कई तरह के सैकड़ों चालान कर चुकी है। इसके बावजूद चालकों का लापरवाही से ऑटो चलाने का सिलसिला जारी है। मध्य मार्ग पर नयागांव निवासी कार चालक हरबंस बताते हैं कि शहर में ऑटो चालकों का बुरा हाल है।

चालक सवारी उतारने या फिर बैठाने के चक्कर में बीच सड़क अचानक ऑटो रोक देते हैं। इससे उनके पीछे आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो सड़क हादसे होते-होते बचे हैं। अगर यही हाल रहा तो सड़कों पर वाहन चलाना और भी मुश्किल हो जाएगा। 
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नहीं हैं ऑटो स्टॉप

कहीं भी ऑटो रुकने की एक यह भी वजह है कि शहर के कई हिस्सों में ऑटो स्टॉप नहीं हैं। ऐसे में चालक सवारी को देखते ही ऑटो की ब्रेक अचानक लगा देते हैं। साथ ही कई जगहों पर बस स्टॉप के पास ऑटो वाले अपना अड्डा बना लेते हैं। ऐसे में सड़क हादसे की संभावना रहती है। कई जगह कॉमर्शियल लेन भी मौजूद नहीं है। इस वजह से चालक मनमाने तरीके से ऑटो चलाते हैं।

पुलिस को देख दौड़ा लेते हैं ऑटो
हाउसिंग बोर्ड चौक से मौलीजागरां की ओर जाने वाले सड़कों पर ऑटो चालकों ने कब्जा जमा रखा है। सवारी बैठाने के चक्कर में चालक सड़कों पर कई-कई लेन में ऑटो खड़े कर वहां से सवारियां बैठाते हैं। ऐसे में सड़क हादसों का हमेशा डर बना रहता है। चालक जैसे ही पुलिस को देखते हैं, वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं।

सीमाओं से लगते एरिया में चल रहे डीजल ऑटो
चंडीगढ़ में डीजल ऑटो चलाना अवैध है। चंडीगढ़ की सीमाओं से लगते एरिया में डीजल ऑटो धड़ल्ले से चल रहे हैं। वहीं, हाउसिंग बोर्ड से चंडीगढ़ में डीजल ऑटो एंट्री कर रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस और एसटीए इन पर शिकंजा नहीं कस रहे हैं। यही वजह है कि शहर में पॉल्यूशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है।
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ऑटो की बढ़ती संख्या बनी सिरदर्द

शहर में एलपीजी के करीब पांच हजार रजिस्टर्ड ऑटो हैं, लेकिन बारह हजार से अधिक चल रहे हैं। करीब 6500 ऑटो हरियाणा और पंजाब के जिलों से आते हैं। हालांकि शहर में अभी कितने डीजल ऑटो चलते हैं यह बता पाना मुश्किल है। अगर कोई दुर्घटना या वारदात हो जाए तो आरोपी ऑटो चालक की पुलिस कैसे तलाश करेगी। यह सवालिया निशान है।

शहर के कई हिस्सों में बेतरतीब तरीके से ऑटो रोककर चालक सवारियां बैठाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में हादसोें का डर बना रहता है। इसकी वजह से ट्रैफिक पुलिस अलग-अलग सेक्टरों में नाका लगाती है, ताकि ऐसे लापरवाही से ऑटो चलाने वाले चालकों पर रोक लग सके। लगातार पुलिस इनके चालान करती रहती है।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी ट्रैफिक
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