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चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल को अब बैंक चलाएंगे, जानिए पूरा मामला

Fri, 26 Aug 2016 08:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीएनबी ने सील किया होटल पार्क प्लाजा - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के नामी फाइव स्टार होटल पार्क प्लाजा को अब दो बैंक चलाएंगे। मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ही अंतिम फैसला लेगी। होटल पार्क प्लाजा के मालिकों की ओर से बैंकों से लिए गए कर्ज की अदायगी नहीं होने पर शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक और यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने शहर के डीसी के आदेश के तहत होटल को कब्जे में ले लिया।
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इसके खिलाफ होटल प्रबंधन की ओर से शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की याचिका पर हाईकोर्ट ने होटल पर बैंकों के कब्जे को तो बरकरार रखा, लेकिन होटल प्रबंधन को मामूली राहत देते हुए 31 अगस्त तक कर्जदाता बैंकों की देखरेख में होटल चलाने की मंजूरी दे दी ताकि होटल प्रबंधन की ओर से अब तक की गई ग्राहकों की बुकिंग प्रभावित न हो। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने 31 अगस्त से आगे होटल की बुकिंग नहीं करने पर भी रोक लगा दी। इस याचिका पर अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

होटल प्रबंधन ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

पीएनबी ने सील किया होटल पार्क प्लाजा - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ के समक्ष जेम्स होटल्स लिमिटेड द्वारा दायर की गई याचिका में होटल प्रबंधन और होटल के कर्मचारियों की ओर से कहा गया है कि चंडीगढ़ के डीसी ने पहले 3 अगस्त और अब 24 अगस्त को होटल को सील करने के आदेश दिए थे।

याचिका में कहा गया है कि प्रबंधन होटल को बेचने जा रहा है, इसलिए होटल को पहले की तरह चलने दिया जाए। याचिका में यह भी कहा गया कि होटल में ग्राहकों ने पहले से ही एडवांस बुकिंग करवा रखी है और कई शादियों और अन्य कार्यक्रम भी बुक हैं।

ऐसे में होटल पर सील लगा दिए जाने से एडवांस बुकिंग करा चुके लोग भी प्रभावित होंगे। याचिका में इस बात पर एतराज जताया गया कि जिस तरह से शुक्रवार सुबह पुलिस ने होटल में ठहरे अतिथियों को बाहर करके सील कर दिया, उससे चंडीगढ़ प्रशासन की साख भी प्रभावित हुई है।

याचिका में होटल प्रबंधन और कर्मियों ने ये दलीलें दीं

पीएनबी ने सील किया होटल पार्क प्लाजा - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही, होटल के स्टाफ की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि अगर होटल सील कर दिया जाता है तो वे सभी सड़क पर आ जाएंगे। प्रशासन की यह कार्रवाई सीधे तौर पर उनके आजीविका के मौलिक अधिकार का हनन है। कर्मचारियों की ओर से कहा गया कि बेशक होटल को कर्जदाता बैंकों के अधीन कर दिया जाए, लेकिन होटल को चलने दिया जाना चाहिए।

होटल प्रबंधन और बैंकों का विवाद पहले ही डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में चल रहा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को होटल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि डीआरटी में जारी इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को है। इस पर हाईकोर्ट ने डीआरटी को आदेश दिए कि वह 29 अगस्त को इस मामले का निपटारा करे। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 31 अगस्त को हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई तक होटल बैंकों के अधीन रहते हुए नियमित रुप में अपना काम जारी रख सकता है।
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होटल पर है इतना कर्ज

zd - फोटो : Getty Images
चंडीगढ़ सेक्टर-17 में 9602 वर्ग क्षेत्र में बने होटल पार्क प्लाजा पर बैंकों और निजी वित्तीय संस्था का 103 करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि में से, एसेट रेकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड के 58 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक के 33 करोड़ 49 लाख रुपये और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के 11 करोड़ 61 लाख रुपये बैंक मालिकों पर बकाया हैं।

देनदारी के इस विवाद के मद्देनजर चंडीगढ़ के डीसी ने होटल को सील कर इसका कब्जा कर्जदाता बैंकों और निजी वित्तीय संस्था को देने के आदेश जारी किए थे। शुक्रवार को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे दोनों बैंकों व वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों ने होटल को कब्जे में लेकर इसके मुख्य द्वार पर सील लगा दी।

 
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