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राजनीति: ढाई महीने में आप को दूसरा बड़ा झटका, दमन ने थामा कांग्रेस का दामन; चुनाव से पहले गरमाई सियासत

Mon, 23 Mar 2026 10:32 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

ढाई महीने में आम आदमी पार्टी को दूसरा बड़ा झटका लगा है। दमन ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके साथ पूर्व आप नेता व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सेक्टर-43 के कोषाध्यक्ष उज्ज्वल भसीन, अधिवक्ता विशाल शर्मा और युवराज अष्ट भी कांग्रेस में शामिल हुए।
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पार्षद दमनप्रीत सिंह कांग्रेस में शामिल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ की सियासत में उथल-पुथल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के वार्ड नंबर-17 से पार्षद दमनप्रीत सिंह ने रविवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसे आप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि बीते ढाई महीने में यह दूसरा मौका है जब पार्टी का पार्षद कांग्रेस में शामिल हुआ है। 
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इससे पहले मेयर चुनाव के बाद पार्षद प्रेमलता भी पार्टी छोड़ चुकी थीं। सेक्टर-35 के राजीव गांधी कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में दमनप्रीत सिंह ने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस जॉइन की। 

उनके साथ पूर्व आप नेता व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सेक्टर-43 के कोषाध्यक्ष उज्ज्वल भसीन, अधिवक्ता विशाल शर्मा और युवराज अष्ट भी कांग्रेस में शामिल हुए। दमनप्रीत ने इसे घर वापसी बताते हुए कहा कि कांग्रेस ही वह मंच है जहां से वे अपने वार्ड और शहर की बेहतर सेवा कर सकते हैं। 
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नगर निगम के संभावित चुनाव से पहले पार्षदों का लगातार पाला बदलना राजनीतिक दलों के लिए नई चुनौती बन गया है। मौजूदा स्थिति में भाजपा के पास 18 पार्षद, कांग्रेस के पास अब 8 पार्षद और एक सांसद का वोट है जबकि आप के पार्षदों की संख्या घटकर 9 रह गई है। इससे कांग्रेस को मजबूती मिलती दिख रही है, वहीं आप की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है।

 

पहले भी लगे झटके, बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
आप को इससे पहले भी कई झटके लग चुके हैं। दिसंबर में पार्टी की दो महिला पार्षद सुमन और पूनम भाजपा में शामिल हो गई थीं। वहीं फरवरी में प्रेमलता के कांग्रेस में जाने के बाद अब दमनप्रीत का पार्टी छोड़ना आप के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, दल-बदल की यह प्रक्रिया और तेज हो सकती है। कांग्रेस इस मौके को भुनाने में जुटी है जबकि भाजपा विकास के मुद्दे पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।

चुनाव से पहले गरमाई सियासत
दिसंबर 2026 में नगर निगम चुनाव होने की संभावना है। वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है हालांकि चुनाव की तारीख का अभी आधिकारिक एलान नहीं हुआ है। हाल ही में हुए मेयर चुनाव में भाजपा के सौरभ जोशी मेयर बने थे जो मौजूदा हाउस का अंतिम मेयर चुनाव माना जा रहा है।


 

तीनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
पार्टी छोड़कर जाने वाले पार्षद मौके के हिसाब से फैसले लेते हैं। ऐसे अवसरवादी लोग जहां उन्हें ज्यादा फायदा दिखता है, वहीं चले जाते हैं। संभव है कि उन्हें 2026 में टिकट न मिलने का डर हो। 2021 में उन्हें किसने मौका दिया, यह भी याद रखना चाहिए। -ओमकार सिंह औलख, महासचिव, आप चंडीगढ़

दमनप्रीत सिंह और उज्ज्वल भसीन जैसे जमीनी व प्रभावशाली नेताओं के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा मिली है। अब आप के पार्षदों को भी समझ आ रहा है कि चंडीगढ़ के लिए काम करने का सही मंच कांग्रेस ही है। 2026 के निगम चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। -एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस चंडीगढ़
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कांग्रेस और आप की जोड़तोड़ की राजनीति को शहर की जनता समझ चुकी है। आप के भीतर भगदड़ मची है और उनके पार्षद खुद पार्टी छोड़ रहे हैं। आने वाले निगम चुनाव में विकास के मुद्दे पर भाजपा फिर से भारी बहुमत के साथ जनता की सेवा करेगी। -जितेंद्र पाल मल्होत्रा, अध्यक्ष, भाजपा चंडीगढ़
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